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खेल

फील्डिंग में भी द्रविड़ का दोहरा शतक

राहुल द्रविड़ जब बल्ला लेकर विकेट के आगे खड़े हो जाते हैं तो गेंद उन्हें पार ही नहीं कर पाती. लेकिन दीवार उन्हें सिर्फ इसीलिए नहीं कहते. गेंद तब भी उन्हें पार नहीं कर पाती जब वह फील्डिंग कर रहे होते हैं.

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बल्लेबाजी में कई दोहरे शतक बना चुके राहुल ने अब फील्डिंग का भी दोहरा शतक बना लिया है. वैसे इस मामले में वर्ल्ड रिकॉर्ड को तो वह पहले ही तोड़ चुके हैं. यह दोहरा शतक बना सोमवार को डरबन टेस्ट के दूसरे दिन. उन्होंने स्लिप डेल स्टेन का कैच पकड़ा और टेस्ट क्रिकेट में 200 कैच लेने वाले पहले क्रिकेटर बन गए. करियर के 149वें मैच में उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की. इससे पहले उन्होंने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई मार्क वॉ का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा था. हालांकि उनके अलावा मार्क वॉ से आगे कोई नहीं निकल पाया है. वॉ 181 कैच लेकर अब भी दूसरे नंबर पर बने हुए हैं. वॉ ने यह कारनामा 128 टेस्ट मैचों में किया.

और ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग मार्क वॉ को पार करने की तैयारी में लगे हैं. उन्होंने अब तक 174 कैच पकड़े हैं. उनके पीछे न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग हैं. फ्लेमिंग ने 171 कैच लिए हैं. फिर ब्रायन लारा का नंबर है. वेस्ट इंडीज के इस पूर्व बल्लेबाज ने 164 कैच पकड़े हैं.

यानी पहले पांच में कोई और भारतीय नहीं है. इतना ही नहीं, द्रविड़ की यह उपलब्धि इसलिए भी महान है क्योंकि पोंटिंग के अलावा और कोई मौजूदा खिलाड़ी इस दौड़ में उनके आसपास भी नहीं है.

द्रविड़ रनों के मामले में भी टेस्ट क्रिकेट की दुनिया में तीसरे नंबर पर हैं. उन्होंने 149 मैचों में 12,025 रन बनाए हैं. यानी गेंद जिसके बल्ले से सबसे ज्यादा टकराती है उसी के हाथों में सबसे सुरक्षित भी है. या यूं कहें कि द्रविड़ के पास टेस्ट क्रिकेट के सबसे सुरक्षित हाथ हैं. द्रविड़ विकेट कीपर भी रहे हैं. उन्होंने भारत के लिए लंबे समय तक विकेट की पीछे की जिम्मेदारी संभाली है. महेंद्र सिंह धोनी के आने से पहले वनडे क्रिकेट में तो अक्सर उन्हें विकेट कीपर के तौर पर इस्तेमाल किया जाता रहा. लेकिन उन्हें स्लिप में सबसे भरोसेमंद फील्डर माना जाता है.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः आभा एम

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