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दुनिया

फिलीपींस को अंतरराष्ट्रीय मदद

आंकड़ों की नजर से देखा जाए तो फिलीपींस अब तक के सबसे भयानक तूफान का सामना कर रहा है. हैयान तूफान से देश में लाखों लोग प्रभावित हुए हैं और कम से कम 10,000 लोगों की जान जाने की आशंका है.

अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां राहत के काम में जुट गयी हैं.संयुक्त राष्ट्र की आपात सहायता एजेंसी ओसीएचए के डेविड कार्डेन स्थिति का जायजा लेने मनीला पहुंचे हैं. डॉयचे वेले से टेलीफोन पर हुई बातचीत में उनकी आवाज की घबराहट हालात की गंभीरता बयान कर रही थी. उन्होंने बताया, "फिलीपींस सरकार का कहना है कि 90 लाख से ज्यादा लोग तूफान से प्रभावित हुए हैं."

राहत कर्मियों का कहना है कि तूफान का मंजर 2004 में आए सूनामी की याद दिला रहा है. तब हिंद महासागर से तबाही मची थी. कार्डेन का कहना है कि आने वाले दिनों में पीने के पानी से लेकर खाने और रहने के इंतजाम की चुनौती दिख रही है. फिलहाल सबसे बड़ी समस्या प्रभावित इलाकों तक पहुंचने की है. कार्डेन ने बताया, "ताकलोबान के एयरपोर्ट से शहर तक की सिर्फ 11 किलोमीटर की दूरी तय करने में ही छह घंटे लग गए."करीब सवा दो लाख की आबादी वाला ताकलोबान शहर पूर्वी द्वीप समर में है और तूफान से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. कार्डेन ने कहा कि देश के कई हिस्से ऐसे हैं जहां अब तक पहुंचा ही नहीं जा सका है, "जैसे कि वह हिस्सा जहां तूफान सबसे पहले पहुंचा."

तूफान में पूरे के पूरे गांव बर्बाद हो गए हैं, सड़कें बंद हो गई हैं, बिजली और संचार ठप्प पड़ा है. मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार लोग मलबे में खाना ढूंढ रहे हैं. खाने पीने की चीजों की लूटमार भी शुरू हो गई है. ताकलोबान में कई दुकानों को लूटा गया है.

राहत का काम

फिलीपींस में इस तरह की प्राकृतिक आपदा दशकों बाद आई है. कार्डेन ने बताया, "रेड क्रॉस के मुताबिक केवल ताकलोबान में ही करीब 1,200 लोगों की मौत हुई है. हालांकि हमें इस संख्या के इससे काफी ज्यादा होने का डर है." फिलीपींस सरकार कम से कम 10,000 लोगों के मरने की आशंका जता रही है.दुनिया भर से राहत संस्थाएं काम में लग गयी हैं. वर्ल्ड विजन फिलीपींस के जेफ लैमिगो ने डॉयचे वेले से बातचीत में कहा, "अंतरराष्ट्रीय सहायता पहुंचने लगी है." वर्ल्ड विजन के अलावा कैरिटास फिलीपींस और कैरिटास यूएसए ने 18,000 टेंट और दस लाख से ज्यादा पानी साफ करने वाली गोलियां शहर सीबू में भेजी हैं. यूरोपीय आयोग ने 40 लाख यूरो की मदद देने की बात कहा है. अमेरिकी दूतावास से 75,000 यूरो की आपात सहायता की पेशकश आई है.जर्मन सहायता एजेंसी जर्मन कैरिटास और संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी यूनिसेफ ने और सहायता की जरूरत बताई है. अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठन आईएसएआर (इंटर्नेशनल सर्च एंड रेस्क्यू) का 24 सदस्यों का एक दल मनीला के लिए रवाना हो गया है.

जर्मनी से मदद

जर्मनी के राष्ट्रपति योआखिम गाउक ने फिलीपींस के प्रति सहानुभूति और आपदा पर दुख जताया है. रविवार को राष्ट्रपति की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, "मुझे हजारों लोगों के मरने और असंख्य लोगों के घायल होने की अत्यंत दुखद जानकारी मिली है." विदेश मंत्री गीडो वेस्टरवेले ने कहा कि जर्मन सरकार पांच लाख यूरो की तत्काल सहायता भेज रही है. अपने बयान में उन्होंने कहा, "जर्मनी मदद करना चाहता है और जर्मनी मदद करेगा." जर्मन तकनीकी सहायता एजेंसी टीएचडब्ल्यू ने हालात का जायजा लेने के लिए अपनी एक टीम वहां भेजी है. एजेंसी के प्रवक्ता निकोलस हेफनर ने डॉयचे वेले से कहा, "यह टीम जर्मन दूतावास के सहयोग से प्रभावित इलाकों का दौरा कर यह पता लगाएगी कि टीएचडब्ल्यू और सरकार क्या मदद कर सकती है." टीएचडब्ल्यू पानी की सफाई, बुनियादी इंतजामों को बहाल करने और अस्थायी आवासों के इंतजाम के लिए जानी जाती है.

इस बीच विएतनाम में भी खतरा मंडरा रहा है. सरकार छह लाख लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचा चुकी है.

रिपोर्ट: रोडिऑन एबिग्हाउजेन/एसएफ

संपादन: ईशा भाटिया

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