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दुनिया

फिर चुने गये डोनाल्ड टुस्क ईयू अध्यक्ष

अपने ही देश पोलैंड की सरकार के कड़े विरोध के बावजूद डोनल्ड टुस्क को फिर से यूरोपीय संघ की परिषद का अध्यक्ष चुन लिया गया है. डोनल्ड टुस्क पोलैंड के प्रधानमंत्री रह चुके हैं.

गुरुवार को ब्रसेल्स में हुए शिखर सम्मेलन में पोलैंड के विरोध के बावजूद डोनल्ड टुस्क के ईयू परिषद का अधियक्ष चुने जाने की जानकारी बेल्जियम और लक्जेमबुर्ग की सरकारों ने दी है. कूटनीतिज्ञों के अनुसार टुस्क को ईयू के 28 सदस्य देशों के राज्य व सरकार प्रमुखों में से 27 वोट मिले. डोनाल्ड टुस्क का दूसरा कार्यकाल दिसंबर 2019 तक चलेगा. चुने जाने के बाद खुद टुस्क ने भी पोलिश में ट्वीट किया, "हार्दिक समर्थन के लिए शुक्रिया. उसने मदद की." पोलैंड की राष्ट्रवादी कंजरवेटिव पार्टी पीआईएस उदारवादी टुस्क के खिलाफ रही है और सत्ताधारी पार्टी के नेता यारोस्लाव काचिंस्की टुस्क के कट्टर विरोधी माने जाते हैं. 

टुस्क का समर्थन करते हुए जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल ने उनके दोबारा चुनाव को ईयू में "स्थायित्व का संदेश" देने वाला कदम बताया था. पोलैंड की दक्षिणपंथी सरकार लंबे समय से पूर्व पोलिश प्रधानमंत्री और ईयू के मौजूदा अध्यक्ष डोनल्ड टुस्क को दोबारा ईयू प्रमुख चुने जाने का विरोध कर रही थी. पोलिश प्रतिनिधिमंडल ने टुस्क को फिर से चुने जाने की सूरत में ईयू के भीतर बंटवारे की चेतावनी दी थी. पोलैंड के विदेश मंत्री वीटोल्ड वाजीकोवस्की ने कहा, "हम अपने ईयू पार्टनरों को सूचना दे देंगे कि अगर आज वे (टुस्क को) पर वोटिंग करवाते हैं तो पूरे सम्मेलन के लिये खतरा मोल लेंगे."

यूरोप की सबसे प्रभावशाली नेता मानी जाने वाली जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल ने खुद भी टुस्क को दोबारा चुने जाने का समर्थन किया था. उनका मानना है कि रूस के साथ तनावपूर्ण स्थितियों में, ग्रीस के आर्थिक संकट और ब्रिटेन के ईयू से बाहर जाने के फैसले जैसे कठिन पलों में टुस्क ने बखूबी अपना काम किया. मैर्केल ने कहा, "मुझे लगता है कि उनका पुनर्निर्वाचन पूरे यूरोप को स्थायित्व देने वाली बात होगी, और मुझे आगे भी उनके साथ काम करने में खुशी होगी." 

सम्मेलन के पहले दिन टुस्क के चुनाव का मुद्दा ईयू की अर्थव्यवस्था, रक्षा और बाल्कन देशों में अशांति जैसे कई दूसरे महत्वपूर्ण मुद्दों पर वार्ता के अजेंडों पर भारी पड़ा. शुक्रवार को ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरीजा मे की अनुपस्थिति में 25 मार्च को रोम में होने वाली यूरोपीय संघ की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ को लेकर योजना बनायी जाएगी.

आरपी/ओएसजे (एएफपी)

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