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खेल

फिक्सिंग मामले की तह तक जाए आईसीसीः सचिन

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को स्पॉट फिक्सिंग मामले की पूरी जांच करनी चाहिए और जो भी इस मामले में दोषी पाए जाते हैं उन पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए.

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सचिन ने कहा, "आईसीसी को स्पॉट फिक्गिंस मामले की पूरी जांच करनी चाहिए और अगर खिलाड़ी इसमें दोषी साबित होते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जानी चाहिए. अगर ये आरोप सही हैं तो वे निश्चित तौर पर खेल को बदनाम करेंगे."

हालांकि स्पॉट फिक्सिंग के आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं लेकिन इस मामले में शामिल पाकिस्तानी खिलाड़ी मोहम्मद आसिफ, आमेर और सलमान बट को आईसीसी ने निलंबित कर दिया है. उन्हें रविवार से इंग्लैंड और पाकिस्कतान के बीच शुरू होने वाली टी20 और वनडे सीरीज से भी बाहर रखा गया है. ब्रिटेन के एक अखबार ने स्टिंग ऑपरेशन कर पाकिस्तानी खिलाड़ियों को फिक्सिंग में शामिल बताया है. उनके खिलाफ स्कॉटलैंड यार्ड जांच कर रही है.

इस स्कैंडल के बारे में सचिन ने कहा कि उनके सामने ऐसी कोई घटना नहीं हुई जिसमें भारतीय खिलाड़ियों से किसी सट्टेबाज़ ने संपर्क किया हो. उनके मुताबिक, "अपने 21 साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में मैंने ऐसा कभी नहीं सुना कि किसी भारतीय खिलाड़ी से सट्टेबाज ने संपर्क किया हो." इस स्कैंडल पर सचिन तेंदुलकर अपनी नाखुशी और दुख पहले ही जाहिर कर चुके हैं.

उधर ब्रिटेन में पाकिस्तान के उच्चायुक्त वाजिद शमसुल हसन ने स्पॉट फिक्सिंग मामले को यह कह कर नया मोड़ दिया है कि इसमें फंसे पाकिस्तान के तीनों खिलाड़ी निर्दोष हैं और पूरे स्कैंडल के पीछे भारतीय सट्टेबाजों का ही हाथ है. हसन ने कहा, "मैंने पाया है कि ये तीनों खिलाड़ी पूरी तरह निर्दोष हैं. वे इसमें शामिल नहीं हैं. उन्हें बहकाया गया है. दोषी एजेंट (मजहर मजीद) है. उसने कुछ दूसरे एशियाई सट्टेबाजों को भी धोखा दिया है. ब्रिटिश प्रेस ने एशियाई शब्द का इस्तेमाल किया है. अगर उनका संबंध पाकिस्तान से होता, तो उन्हें पाकिस्तानी लिखा जाता. इसका मतलब है कि इसमें भारतीय सट्टेबाज शामिल हैं."

रिपोर्टः पीटीआई/आभा एम

संपादनः ए कुमार

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