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खेल

फिक्सिंग की दोबारा जांच होगी

भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने देश के क्रिकेट बोर्ड का प्रस्ताव खारिज करते हुए आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों का पैनल बनाने का आदेश दिया है.

बीसीसीआई इसके लिए अपनी कमेटी बनाना चाहता था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया. जस्टिस एके पटनायक और जस्टिस जेएस खेहर की खंडपीठ ने वरिष्ठ वकील और अतिरिक्त सोलिसिटर जनरल एन नागेश्वर राव और असम क्रिकेट संघ के सदस्य नियल दत्ता को भी पैनल में शामिल करने का प्रस्ताव दिया.

इसने भारतीय क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई और बिहार क्रिकेट बोर्ड (सीएबी) को निर्देश दिया कि वह पैनल से सलाह लेते रहें और इस मामले की सुनवाई मंगलवार तक के लिए टाल दी. बिहार क्रिकेट संघ और बीसीसीआई में इन दिनों तनातनी चल रही है.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने क्रिकेट बोर्ड के इस मशविरे को खारिज कर दिया, जिसके तहत वरिष्ठ नेता अरुण जेटली और दत्ता के नेतृत्व में विशेष समिति बनाने का प्रस्ताव था. कोर्ट ने कहा कि पैनल स्वतंत्र जांच करेगी और इसकी रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट को दी जाएगी, "मुंबई पुलिस अपना काम खुद कर सकती है. पैनल को अपनी आजाद जांच करने दीजिए और सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट करने दीजिए और बेहतरी की सलाह देने दीजिए." इसका मतलब पुलिस की जांच अलग चलेगी.

N. Srinivasan Indien Cricket Wettskandal

एन श्रीनिवासन पर सवाल

अदालत बीसीसीआई और बिहार बोर्ड की उन अपीलों पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी. बॉम्बे हाई कोर्ट ने बीसीसीआई की जांच पैनल को गैरकानूनी करार दिया था.

क्रिकेट की सबसे सफल लीग आईपीएल में इस साल राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों पर पैसे लेकर खराब खेलने का आरोप लगा. स्पॉट फिक्सिंग में भारत के पूर्व तेज गेंदबाज श्रीसंत भी आरोपी हैं. इन तीनों खिलाड़ियों को जेल में भी रहना पड़ा है. लेकिन फिक्सिंग के इस मामले ने तब नया मोड़ ले लिया, जब भारतीय क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख एन श्रीनिवासन के दामाद का नाम भी इसमें सामने आया.

इस मामले में भारत के उच्चतम न्यायालय ने 30 अगस्त को बिहार क्रिकेट बोर्ड के सचिव आदित्य वर्मा की अर्जी पर कार्रवाई की है. वर्मा ने हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें जांच के लिए नई समिति के गठन की मांग ठुकरा दी गई थी. बिहार क्रिकेट का कहना था कि जब अदालत ने दो जजों की पैनल को गैरकानूनी करार दिया है, तो इसे नई समिति का गठन करना चाहिए.

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई प्रमुख एन श्रीनिवासन, उनकी कंपनी इंडिया सीमेंट्स और राजस्थान रॉयल्स को नोटिस जारी किया था. इंडिया सीमेंट्स ही चेन्नई सुपर किंग्स टीम की मालिक भी है. आईपीएल में फिक्सिंग के घोटाले के सामने आने के बाद श्रीनिवासन कुछ दिनों तक अपने पद की जिम्मेदारियों से हट गए थे लेकिन बाद में उनका इस कुर्सी पर कब्जा हो गया. 68 साल के श्रीनिवासन की विश्व क्रिकेट के सबसे ताकतवर लोगों में होती है.

एजेए/एएम (एएफपी, पीटीआई)

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