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खेल

फाउल्स के लिए लिए कोई खेद नहीं डच टीम को

नीदरलैंड्स के कोच बेर्ट फान मार्विक ने टीम के अति आक्रामक और फाउल्स से भरपूर खेल के लिए किसी तरह का अफसोस नहीं जताया और न ही इस बारे में कुछ कहा.

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रविवार को हुए वर्ल्ड कप फाइनल में नीदरलैंड्स के कोच ने अपनी टीम रफ टफ खेल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. वर्ल्ड कप फाइनल का मुकाबला और कारणों से तो ऐतिहासिक रहा ही लेकिन ढेरों फाउल्स के कारण भी इसे वर्ल्ड कप के इतिहास में जगह मिलेगी. 120 मिनट के खेल में 47 फाउल हुए 13 येलो कार्ड्स और एक रेड कार्ड दिखाया गया.

डच खिलाड़ियों ने स्पेन को रोकने के लिए के लिए भरपूर बल का भी प्रयोग किया. 28 डच फाउल्स में से पांच अकेले मार्क फान बोमेल ने किए. उनकी किस्मत अच्छी थी कि उन्हें रेड कार्ड नहीं दिया गया. उन्होंने पहले हाफ में आन्द्रेस इनिएस्ता की बाईं टांग को चोट पहुंचाई थी.

Fifa WM 2010 Schiedsrichter Flash-Galerie

हालांकि स्पेन के कोच विसेन्टे डेल बॉस्क ने नीदरलैंड्स के हमलों की सीधे निंदा नहीं की लेकिन कहा कि हो सकता है कि आगे बढ़ने के लिए ज़रूरी कोशिशों ने प्रतिद्वंद्वी टीम का धीरज तोड़ दिया हो. "मैं अपनी प्रतिद्वंद्वी टीम को बधाई देता हूं जिन्होंने हमें कड़ी टक्कर दी और हमें एक भी क्षण आराम नहीं करने दिया. 90 मिनट तक उनकी लय में खेलना मुश्किल था. उन्होंने बहुत शारीरिक ताकत लगाई और हमने एक्स्ट्रा टाइम में दबाव बढ़ाया."

नीदरलैंड्स के कोच फान मार्विक ने कहा, "हमारा इरादा सुंदर फुटबॉल खेलने का ही था लेकिन हमारे प्रतिद्वंद्वी बहुत मजबूत थे. हमने फाउल्स किए लेकिन उन्होंने भी कुछ कम नहीं किया. फाइनल में ये खेदजनक हो सकता है. ये हमारी स्टाइल नहीं है. लेकिन आप मैच जीतने के लिए खेलते हैं क्योंकि ये फाइनल है. इससे बहुत से लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं आपने मैच के आखिर में देखा ही. मुझे मैच जीतना बहुत अच्छा लगता भले ही मैं साफ सुथरा फुटबॉल न खेलूं."

नीदरलैंड्स की टीम कोच से खफा हैं. उनका कहना है कि स्पेन की टीम में दो खिलाड़ियों को दो रेड कार्ड दिए जाने चाहिए थे. एल्येरो एलिया का कहना था कि स्टेडियम में सबने देखा था कि उनके स्कोर करने से ठीक पहले हमें कॉर्नर मिलना चाहिए था लेकिन नहीं मिला. हालांकि टीम ने कहा है कि रेफरी के गलत फैसले के कारण वे नहीं हारे हैं. रफाएल फान डेर फार्ट ने कहा कि टीम ने खराब फुटबॉल नहीं खेला लेकिन जितना अच्छा खेलना चाहिए था उतना अच्छा नहीं खेला.

रिपोर्टः रॉयटर्स/ आभा एम

संपादनः एन रंजन

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