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दुनिया

फांसी से पहले की तस्वीरों पर सवाल

चीनी मीडिया ने कुछ ऐसे ड्रग तस्करों की वीडियो दिखाई हैं, जिन्हें फांसी के लिए ले जाया जा रहा था. इनके सामने आने के बाद मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया. चीन सबसे ज्यादा मृत्युदंड दिए जाने वाले देशों में है.

हांग कांग में ह्यूमन राइट्स वॉच के रिसर्चर निकोलस बेकेलिन ने ट्वीट किया, "चीन ने उन संभावनाओं पर पानी फेर दिया कि वह किसी तरह से मौत की सजा को लेकर बेहतर दिशा में बढ़ रहा है."

चीन में ट्विटर की तरह की वेबसाइट वेइबो बेहद लोकप्रिय है. इस पर चीनी नाटककार झाओ डोंगलिंग ने लिखा, "मैं मृत्युदंड के मामले में आपके लाइव प्रसारण की कड़ी निंदा करता हूं."

बाद में झाओ के पोस्ट को ऑनलाइन सेंसर वालों ने डिलीट कर दिया. उन्होंने लिखा था कि हमें जीवन का सम्मान करना चाहिए, अगर यह जीवन किसी अपराधी का हो, तब भी.

चीन के मानवाधिकार वकील लिऊ झायोयुवान ने लिखा, "सीसीटीवी (चीनी राष्ट्रीय टेलीविजन) ने आज एक विस्फोटक लाइव ब्रॉडकास्ट किया है." कुछ लोगों का कहना था कि प्रसारण में पूरी तरह से मृत्युदंड नहीं दिखाया गया, सिर्फ यह दिखाया गया कि नशे के तस्करों को फांसी के लिए ले जाया जा रहा है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है.

झांग पेंग नाम के वकील ने इसे सही ठहराते हुए लिखा, "इसने फांसी की जगह को नहीं दिखाया लेकिन सिर्फ यह दिखाया कि फांसी किस तरह दी जाती है." उनके मुताबिक एक बड़े ड्रग स्मगलर ने खुद भी कई लोगों की जानें ली हैं और इस तरह के प्रसारण से समाज में अच्छा संदेश जाएगा.

सीसीटीवी का कहना है कि इस बारे में उसे कुछ नहीं कहना है क्योंकि इस प्रसारण के लिए कानूनी तरीके बने हुए हैं. गोल्डन ट्रायंगल ड्रग माफिया नोर खाम को जब फांसी के लिए ले जाया जा रहा था, तो सीसीटीवी ने कुछ समय तक इस वीडियो को दिखाया, जिसमें खाम बेहद उदास, चिंतित और रुआंसा दिख रहा था.

एजेए/एमजी (डीपीए)

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