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खेल

फर्राटा रेस का नया महारथी

गहरे नीले रंग की फॉर्मूला कार में नीली जैकेट पहन कर बैठी दो मासूम आंखों में चैम्पियन बनने का सपना तभी सज गया जब दूसरे बच्चे खिलौना गाड़ियों से खेलते हैं. महज आठ साल की उम्र में फेटल कार रेसिंग की दुनिया में आ गए.

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जर्मनी के हेपेनहाइम की धरती पर 3 जुलाई 1987 को रेसिंग के इस नए सूरमा ने जन्म लिया. बचपन के कुछ ही साल बीते थे जब फेटेल ने साइकिल और रोलर स्केट्स जैसी चीजों को छोड़ कार हाथों को कार की स्टियरिंग और आंखों को फ्रंट स्क्रीन पर जमा दिया. हवा से बातें करती उनकी कार पर जब वह सवार होते हैं तो सामने मंजिल को छोड़ और कुछ नजर ही नहीं आता. जूनियर लेवल पर उनकी करामातों का सिलसिला जारी रहा. शुरुआती दिनों में मीडिया उन्हें बेबी शुमी कह कर बुलाती और शूमाकर के उत्तराधिकारी के रूप में उन्हें देखा जाता.

Formel 1 Sebastian Vettel Red Bull Weltmeister

2004 के बीएमडब्ल्यू जर्मन फॉर्मूला चैम्पियनशिप में दुनिया ने पहली बार इस सूरमा की कलाइयों का कमाल और नजरों की करामात देखी. टूर्नामेंट की 20 रेसों में 18 के विजेता फेटेल बने. इसके अगले साल हुई फॉर्मूला थ्री यूरो सीरीज में वह बेस्ट नौसिखिए रहे सीरीज के चैम्पियन बने लुइस हैमिल्टन.

इसके बाद आया 2006 का साल जब ग्रां प्री वीकेंड प्रैक्टिस में पहली बार फेटल बीएमडब्ल्यू सॉबर की टीम में शामिल हुए. तुर्की में हुए इस वीकेंड ग्रां प्री में जब फेटेल ने हिस्सा लिया तब उन्हें दुनिया में आए महज 19 साल 53 दिन हुए थे. इसके अगले साल बीएमडब्ल्यू सॉबर की तरफ से ही पहली बार उन्हें फॉर्मूला वन चैम्पियनशिप में रॉबर्ट कुबिका के घायल होने के कारण टीम का हिस्सा बनने का मौका मिला. उस वक्त उनके 20 साल की उम्र पूरी होने में 16 दिन बाकी थे और उन्होंने रेस में आठवीं पोजिशन हासिल कर ली. इसके बाद टोरो रोस्सो के साथ उन्होंने सात रेसों में हिस्सा लिया.

2008 में टॉरो रोस्सो के साथ वह पूरी रेस में शामिल हुए और पहली चार रेस पूरी करने में नाकाम रहे. इसके बाद उन्होंने मोंजा में इटैलियन ग्रां प्री पोल पोजिशन के साथ जीती. यह भी एक बड़ा कारनामा था क्योंकि अब तक 21 साल की उम्र में पोल पोजिशन हासिल करने में कोई कामयाब नहीं हुआ ना ही रेस जीतने में.

2009 में फेटेल ने ब्रिटेन के डेविड कॉल्टहार्ड के रिटायर होने के बाद रेड बुल टीम का हाथ पकड़ लिया. पिछले साल चार रेस उनके नाम रहीं. इनमें से चीनी ग्रां प्री में रेड बुल की पहली जीत भी थी. यहां पहली बार टीम को पोल पोजिशन भी हासिल हुई. फेटेल इस सीजने के रनर अप रहे और चैम्पियन बने जेन्सन बटन.

अब जब उन्होंने सिर्फ 23 वसंत देखे हैं वह दुनिया के सबसे कम उम्र के फॉर्मूला वन चैम्पियन बन गए हैं. इससे पहले यह रिकॉर्ड लुइस हैमिल्टन के नाम था जो 2008 में चैम्पियन बनते वक्त 23 साल 307 दिन के थे. ब्रिटेन के मजाक और कॉमेडी शो पसंद करने वाले फेटेल को हंसना हंसाना खूब पसंद है और साथी उन्हें जोकर कहते हैं. वैसे पसंद उन्हें बीटल्स का संगीत भी है. स्विट्जरलैंड में रहने वाले इस जर्मन ड्राइवर का सफर चैम्पियन बनने के साथ शुरू हुआ है. संयोग ही है कि इसी साल जर्मनी के पिछले कार रेसिंग सितारे मिषाएल शूमाकर की भी वापसी हुई है और नए सितारे का उदय

रिपोर्टः एजेंसियां/एन रंजन

संपादनः वी कुमार

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