फर्डिनांड ने फुटबॉल छोड़ा | खेल | DW | 15.05.2013
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

खेल

फर्डिनांड ने फुटबॉल छोड़ा

इंग्लैंड के तेज तर्रार फुटबॉलर रियो फर्डिनांड ने राष्ट्रीय टीम को अलविदा कह दिया. हालांकि वह इंग्लैंड के प्रतिष्ठित मैनचेस्टर यूनाइटेड से जुड़े रहेंगे.

फर्डिनांड ने इंग्लैंड के लिए 81 मैच खेले और इस दौरान उनका सफर तीन वर्ल्ड कप होता हुआ गुजरा. लेकिन बेहतरीन फुटबॉलर को ज्यादा सुर्खियां मैदान के बाहर हुए विवादों से मिली.

राष्ट्रीय टीम छोड़ने का एलान करते हुए फर्डिनांड ने बयान जारी किया, "बहुत सोच विचार के बाद मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि अब मेरे लिए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कहने का वक्त आ गया है. 34 साल की उम्र में मैं समझता हूं कि अब अलग खड़े होने का समय आ गया है ताकि युवा खिलाड़ियों को मौका मिल सके. इससे मैं भी अपने क्लब पर ज्यादा ध्यान दे सकूंगा."

Flash-Galerie Manchester United Fußball

इंग्लैंड के रियो फर्डिनांड

उनका कहना है कि टीम अच्छी दिख रही है और वहां युवा प्रतिभाओं की जरूरत है. फर्डिनांड ने आखिरी बार 2011 में इंग्लैंड के लिए फुटबॉल मैच खेला. हालांकि इस साल उन्हें वर्ल्ड कप क्वालिफाइंग मैचों के लिए इंग्लैंड की टीम में शामिल होने का न्योता मिला, लेकिन फर्डिनांड वहां नहीं गए. इसकी जगह पर फुटबॉल एक्सपर्ट के तौर पर कतर चले गए.

इस घटना के बाद माना जा रहा था कि कोच रॉय हॉजसन के साथ उनके रिश्ते खराब हो जाएंगे. पिछले साल यूरो 2012 की टीम में फर्डिनांड को शामिल नहीं किया गया था. उनके भाई एनटॉन का भी राष्ट्रीय टीम से झगड़ा चल रहा है. एनटॉन का कहना है कि चेल्सी के डिफेंडर जॉन टेरी ने उन पर नस्ली फब्ती कसी थी.

इससे पहले फर्डिनांड 2003 में उस वक्त विवादों में फंसे थे, जब उन्होंने ड्रग टेस्ट देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद 2004 के यूरो कप में उन्हें नहीं शामिल किया गया. उन पर आठ महीनों की पाबंदी लगी और 50,000 पाउंड का जुर्माना भी ठोंका गया.

इस घोषणा के बाद गुरुवार को इंग्लैंड को आयरलैंड और ब्राजील के खिलाफ दोस्ताना मैच के लिए टीम का एलान करना है. यानी उसे डिफेंडर के तौर पर नए खिलाड़ी को परखना होगा. सिर्फ 19 साल की उम्र में इंग्लैंड की जर्सी पहनने वाले फर्डिनांड ने जब 1997 में पहला मैच खेला, तो वह इंग्लैंड के सबसे युवा डिफेंडर बने.

इंग्लैंड के राष्ट्रीय कोच हॉजसन ने उनकी तारीफ करते हुए कहा, "अपने देश की कप्तानी करने और तीन वर्ल्ड कप खेलने के साथ वह निश्चित तौर पर खास खिलाड़ियों में शुमार होते हैं."

एजेए/एएम (एएफपी)

DW.COM