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मनोरंजन

फंस गया जंगल बॉय

बुरी हालत में एक किशोर बर्लिन आया. अंग्रेजी में उसने खुद को जंगल का निवासी बताया और कहा कि पहली बार बाहर आया है. दावों के आधार पर मीडिया ने उसे फॉरेस्ट बॉय रे कहा, अब झूठ पकड़ा गया है और उसे सजा मिली है.

गुरुवार को बर्लिन की अदालत ने 21 साल के रॉबिन को 150 घंटे समाज सेवा करने का आदेश दिया. अभियोजन पक्ष ने रॉबिन पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था. अभियोजन पक्ष के मुताबिक झूठे दावों के आधार पर युवक ने सामाजिक सहायता की 30,000 यूरो की रकम पाने की कोशिश की. अदालत ने इस धारा को नहीं माना लेकिन ये जरूर कहा कि रॉबिन को धोखाधड़ी की सजा भुगतनी होगी.

रॉबिन दो साल पहले सामने आया. धीरे धीरे वह अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में भी आया. उसे 'फॉरेस्ट बॉय रे' कहा गया. रॉबिन ने दावा किया कि वो बचपन से ही अपने पिता के साथ जंगल में रहा, लेकिन पिता की मौत के बाद वह अकेला पड़ गया और बर्लिन आ पहुंचा. उसने अपनी उम्र 17 साल बताई. रॉबिन ने सामाजिक सहायता की रकम पाने की कोशिश की. इस बीच कुछ लोगों को उसके दावों पर शक भी हुआ. पुलिस ने जांच शुरू कर दी. उसके पिता का शव ढूंढने की कोशिश की गई लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. पुलिस ने युवक को चेतावनी देते हुए कहा कि वो सच सच बोले वरना उसके खिलाफ पुलिस का समय बर्बाद करने का आरोप भी लगेगा. दबाव और जांच के बीच रॉबिन टूट गया. उसने काफी कुछ बता दिया.

जांच में ये भी बता चला कि रे का असली नाम रॉबिन और वो 17 साल का नहीं है. रॉबिन नीदरलैंड्स के हेनगेलो का रहने वाला है. अभियोजन पक्ष के मुताबिक वो अपने घर से ट्रेन से जर्मनी आया. उसके पास स्लीपिंग बैग था और खाने के लिए फल थे. रॉबिन को लगा कि वो जंगल का निवासी होने की कहानी गढ़ देगा.

ओएसजे/एनआर (एएफपी, डीपीए)

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