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जर्मन चुनाव

फंस गए अशोक चव्हाण, दिल्ली तलब

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पर फ्लैट आवंटन का मामला भारी पड़ रहा है. कारगिल की लड़ाई लड़ने वालों जवानों के लिए बनाए गए फ्लैट अशोक चव्हाण के रिश्तेदारों को मिले. पार्टी ने अब उन्हें दिल्ली तलब किया है. कुर्सी डगमगाई.

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चव्हाण को दिल्ली तलब किया है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि शनिवार को चव्हाण की क्लास लगने वाली है. बताया जा रहा है कि चव्हाण के रुख से पार्टी आलाकमान नाराज हैं. ऐसी भी संभावनाएं जताई जा रही है कि चव्हाण के मुख्यमंत्री पद पर आंच आ सकती है.

मामला मुंबई के पॉश इलाके कोलाबा में बनी एक 31 मंजिला इमारत का है. आदर्श सोसाइटी के नाम पर ये फ्लैट कारगिल युद्ध के हीरो और लड़ाई में मारे गए सैनिकों की विधवाओं के नाम पर बनाए गए. इमारत की ऊंचाई बढ़ाने के लिए कई नियमों की अनदेखी की गई. बाद में जब फ्लैट बनकर तैयार हुए तो एक घर की कीमत एक करोड़ से ऊपर आंकी गई. इनमें से ज्यादातर फ्लैट नेताओं, सेना के अधिकारियों और रसूखदार लोगों को मिले.

आरोप हैं कि 103 फ्लैट विवादित ढंग से बांटे गए. इतना ही नहीं, इनमें से तीन फ्लैट तो मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों को मिले. एक फ्लैट चव्हाण की सास और दो अन्य रिश्तेदारों को मिले. मामला सामने आने के बाद भी शुक्रवार को चव्हाण मीडिया के सामने आए. उन्होंने आरोपों को स्वीकार किया लेकिन वो अहंकार भरी भाषा का इस्तेमाल करना नहीं भूले. कांग्रेसी नेता ने कहा, ''कलेक्टर के रिकॉर्ड के हिसाब से जमीन राज्य सरकार की है. रेवन्यू विभाग ने इसे सोसाइटी को दिया. यह सेना की सीमा से बाहर की जमीन है. यह कारगिल के योद्धाओं के लिए आरक्षित नहीं थी.'' चव्हाण ने ही राजस्व मंत्री रहते हुए इस हाउसिंग सोसाइटी कई कागज पास किए थे.

आरोपों के बाद भी चव्हाण ने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया. उन्होंने सिर्फ ये कहा कि उनके रिश्तेदारों ने अब फ्लैट लौटा दिए हैं. इतना ही नहीं आरोपों से तिलमिलाए मुख्यमंत्री ने अब सभी फ्लैटों के कब्जे के सर्टिफिकेट रोकने के भी आदेश दे डाले हैं. उनकी दलील है कि पर्यावरण और वन मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद ही घर लोगों को दिए जाएंगे.

रिपोर्ट: एजेंसियां/ओ सिंह

संपादन: महेश झा

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