1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

प. बंगाल में माओवादी हमला, 80 की मौत

पश्चिम बंगाल में माओवादियों के संदिग्ध हमले में 80 रेल यात्रियों की मौत हो गई है जबकि 200 घायल हुए हैं. हमले के कारण महाराष्ट्र जा रही ट्रेन के 13 डिब्बे पटरी से उतर गए जिन्हें दूसरी तरफ से आ रही मालगाड़ी ने टक्कर मारी.

default

दक्षिण पूर्वी रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि हावड़ा-कुर्ला लोकमान्य तिलक ज्ञानेश्वरी सुपर डीलक्स एक्सप्रेस के डिब्बों के मलबे से शवों को निकाल लिया गया है और घायल गैस कटर की मदद से बाहर निकाले गए हैं. यह हमला रात में 1.30 बजे हुआ जब झारग्राम शहर के नजदीक ट्रेन खेमासोली और सरदिया स्टेशनों के बीच दौड़ रही थी.

कोलकाता में पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) सुरोजित कारपुरोकायस्थ ने कहा कि शुरुआती जांच के मुताबिक जहां ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतरे, वहां से फिश प्लेट्स हटाई गई हैं. इससे पहले रेल मंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि माओवादियों के धमाके के बाद संभवतः डिब्बे पटरी से उतरे.

रेलवे यातायात बोर्ड के एक सदस्य विवेक सहाय का कहना है, "हमें इस धमाके के पीछे माओवादियों का हाथ होने का संदेह है." उन्होंने बताया कि ट्रेन के ड्राइवर ने धमाके की आवाज सुनी जिसके बाद डिब्बे पटरी से उतरे. झारग्राम के एएसपी मुकेश कुमार ने बताया कि पटरी से उतरे कुल 13 डिब्बों में से पांच पास की पटरी पर जा गिरे, जिनमें दूसरी तरफ से आ रही माल गाड़ी ने टक्कर मार दी.

घटनास्थल पर भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों को भेजा गया जो घायलों को अस्पताल पहुंचा रहे हैं. इस महीने आम लोगों पर होने वाला यह माओवादियों का दूसरा हमला है. इससे पहले 17 मई को नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में एक बस को धमाके से उड़ा दिया जिसमें 12 विशेष पुलिस अधिकारियों समेत कम से कम 36 लोग मारे गए.

पश्चिम बंगाल के गृह सचिव ने कहा है कि 200 घायलों को अलग अलग अस्पतालों में भेजा गया है जिनमें कुछ की हालत गंभीर है. उनके मुताबिक, "गंभीर हालत वाले कुछ घायलों को सर्जरी के लिए कोलकाता लाया गया है." कुछ यात्रियों ने गुस्सा जताते हुए कहा कि घटना के पूरे साढ़े तीन घंटे बाद ही राहत और बचाव का काम शुरू होता दिखाई दिया.

चीन के दौरे पर गईं राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आम लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया है.

दक्षिण पूर्वी रेलवे के प्रवक्ता सौमित्र मजुमदार ने बताया कि ट्रेन में कुल 24 डिब्बे थे. धमाके के बाद 13 डिब्बे पटरी से उतर गए. इनमें 10 स्लीपर कोच भी शामिल थे. दूसरी पटरी पर गिरने वाले पांच डिब्बों को दूसरी तरफ से आ रही मालगाड़ी ने टक्कर मार दी. यह घटना कोलकाता से 150 किलोमीटर की दूरी पर हुई.

धमाके में ट्रेन के नौ डिब्बों को कोई नुकसान नहीं हुआ. बाद में उन्हीं के जरिए घायलों और अन्य यात्रियों को खड़गपुर ले जाया गया जहां उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. माओवाद विरोधी बल भी घटनास्थल पर पहुंच गए और वे स्लीपर कोच एस-5, एस-6, एस-7 और एस-8 से शवों को निकालने और बचाव के काम में पुलिस और राहतकर्मियों की मदद कर रहे हैं.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः ईशा भाटिया

संबंधित सामग्री