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दुनिया

प्लास्टिक गाय विवाद, मुख्मंत्री ने जताया खेद

जयपुर आर्ट समिट में हवा में झूलती प्लास्टिक की गाय इंस्टॉलेशन के लिए दो कलाकारों को तीन घंटे हिरासत में रखने के मामले पर राजस्थान की मुख्यमंत्री ने खेद जताया और पुलिस कमिश्नर ने माफी मांगी.

आयोजकों के मुताबिक इस कलाकृति का मकसद यह दिखाना था कि पर्यावरण गायों के लिए बेहद असुरक्षित हो गया है. यह धरती उनके लायक नहीं बची है. कूड़े करकट के ढेर से हर रोज ढेरों प्लास्टिक चबा रही गायें इसे पचा नहीं पातीं. लेकिन कलाकारों के समझाने के बावजूद उनसे बदसलूकी और थाने में हिरासत में रखने की घटना के बाद इसकी चर्चा सोशल मीडिया पर जंगल में आग की तरह फैल गई. इसके बाद राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कलाकारों के साथ हुए दुर्व्यवहार पर खेद जताया. उन्होंने खुद कलाकार से फोन पर बात की.

प्लास्टिक की गाय पर आधारित इंस्टॉलेशन कलाकार सिद्धार्थ करारवल ने संदर्भ आर्ट रेसिडेंसी के दौरान तैयार की थी. संदर्भ के कलाकारों की ओर से तैयार कलाकृतियों का प्रदर्शन जयपुर आर्ट समिट के साथ भागीदारी में किया गया. प्रदर्शनी के पहले ही दिन 21 नवंबर को गुब्बारे से हवा में लटकाई गई इस गाय पर कुछ प्रदर्शनकारी समूहों के विरोध के बाद पुलिस ने इसे जबरन नीचे उतरवा दिया. कलाकृति को नीचे उतारने का विरोध करने पर समिट के संयोजक और कलाकारों अनीश अहलूवालिया और चिंतन उपाध्याय के साथ पुलिस की बहस हुई. इसके बाद उन्हें थाने ले जाया गया जहां उन्हें तीन घंटे हिरासत में रखा गया. कलाकारों का कहना है कि पुलिस ने उनके बाल खींचे और बदसलूकी की.

Jaipur Art Summit Indien Siddhartha Karawal

कुछ प्रदर्शनकारी समूहों के विरोध के बाद पुलिस ने इंस्टालेशन को जबरन नीचे उतरवा दिया.

जयपुर आर्ट समिट के आयोजक आरबी गौतम ने बताया, "प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि प्रदर्शनी में टांगी गई गाय ऐसी लग रही थी जैसे उसे फांसी दी गई हो, और यह अपमानजनक है." उन्होंने बताया कि काफी देर बहस के बाद आखिरकार गाय को नीचे उतार लिया गया. प्लास्टिक की गाय को नीचे उतारने के बाद प्रदर्शनकारियों ने उसे फूलों की माला पहनाई और पूजा की. इसके बाद पुलिस ने उसे तोड़फोड़ दिया. कलाकारों की सफाई के खिलाफ बजाज नगर पुलिस स्टेशन के एसएचओ महेंद्र गुप्ता ने कहा, "गाय को जिस तरह टांगा गया था, उससे केवल नकारात्मक संकेत ही जा रहा था."

जयपुर पुलिस कमिश्नर ने एसएचओ महेंद्र गुप्ता और बजाज नगर पुलिस थाने के अन्य पुलिस अधिकारियों की इस हरकत पर माफी मांगी. पुलिस कमिश्नर ने बताया कि एसएचओ के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें हटा दिया गया है. संदर्भ आर्ट रेसिडेंसी के आयोजकों द्वारा जारी बयान में मुख्यमंत्री की कार्रवाई को सही दिशा में उठाया गया कदम बताया गया है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि इससे पुलिस वालों को कड़ा संदेश जाएगा कि वे नागरिकों को धमकाकर या उनके साथ बदसलूकी कर बच नहीं सकते हैं. हालांकि उनके कठोर बर्ताव से कलाकारों को मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ा. सिद्धार्थ करारवल ने इस कलाकृति को जिस जज्बे और मकसद के तहत बनाया था उसकी भरपाई नहीं की जा सकती.

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