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दुनिया

प्रेस स्वतंत्रता में भारत गिरा, 122 वें स्थान पर

पत्रकार संगठन रिपोर्टर विदाउट बोर्डर्स ने कुछ यूरोपीय देशों में प्रेस पर बढ़ते नियंत्रण की आलोचना की है लेकिन छह देशों की प्रेस स्वतंत्रता के लिए सराहना की है.

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प्रेस की आजादी पर न्यूयॉर्क में अपनी ताजा सूची जारी करते हुए रिपोर्टर विदाउट बॉर्डर्स ने कहा है कि फिनलैंड, आइसलैंड, नीडरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और स्विट्जरलैंड 2002 में सूची की शुरु होने के बाद से ही चोटी पर है. पत्रकार संगठन का कहना है कि इसके साथ वे पत्रकारों के सम्मान और मीडिया की सुरक्षा में अनुकरणीय उदाहरण हैं.

पत्रकार संगठन का कहना है कि इसके विपरीत यूरोपीय संघ मीडिया की आजादी के सवाल पर नेतृत्व खोने के खतरे में है. हालांकि यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों में से 13 रिपोर्टर विदाउट बोर्डर्स की सूची में पहले 20 में शामिल हैं लेकिन बाकी 14 सूची में बहुत नीचे हैं.

यूरोपीय संघ के महत्वपूर्ण सदस्यों में शामिल फ्रांस 44वें, इटली 49वें, रुमानिया 52वें और ग्रीस तथा बुल्गारिया बेनिनकेन्या और कोमोरोन के साथ 70वें स्थान पर हैं. जर्मनी की स्थिति पिछले साल के मुकाबले सुधरी है और वह 17वें स्थान पर पहुंच गया है जबकि अमेरिका 20वें स्थान पर है. भारत 17 स्थान गिरकर 122वें स्थान पर पहुंच गया है.

रिपोर्टर विदाउट बोर्डर्स के महासचिव जाँ फ्रांसोआ यूलियार्ड का कहना है कि प्रेस की आजादी की रक्षा एक संघर्ष बना हुआ है. पुराने यूरोप के लोकतांत्रिक देशों में चौकन्ना रहने का संघर्ष और विश्व भर के निरंकुश शासनों में दमन और अन्याय के खिलाफ संघर्ष.

उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और ब्लॉगरों की स्थिति संस्था के लिए स्थायी चिंता की वजह है. जूलियार्ड ने चीन से नोबेल पुरस्कार विजेता लिऊ शियाओबो को रिहा करने की मांग की. 178 देशों की सूची में चीन 171वें स्थान पर है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा

संपादन: आभा एम

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