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दुनिया

प्रवासी भारतीयों को वीजा की जरूरत नहीं

विदेशों में रह रहे प्रवासी भारतीयों को भारत आने जाने के लिए अब वीजा की जरूरत नहीं होगी. सरकार ने उन्हें वीजा से छूट दे दी है, जिससे वे कारोबार और दूसरी गतिविधियों में ज्यादा हिस्सा ले सकें.

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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिक (ओसीआई) और भारतीय मूल के नागरिक (पीआईओ) कार्ड को अब एक कर दिया जाएगा और यह सेवा लेने वाले व्यक्ति को भारत आने के लिए वीजा की जरूरत नहीं होगी.

भारतीय राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने ओसीआई और पीआईओ सेवाओं की शुरुआत इसलिए की ताकि प्रवासी भारतीयों को भारत आने और यहां कि गतिविधियों में शामिल होने में कोई परेशानी न हो.

उन्होंने कहा, "हमने इन दोनों सुविधाओं का आकलन किया है और तय किया है कि अब ओसीआई और पीआईओ को एक ही सुविधा में बदल दिया जाएगा. हम कुछ त्रुटियों को हटाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे इन सेवाओं को लागू करने में परेशानी हुई थी."

बाद में विदेशों में रहने वाले भारतीय मामले के मंत्री व्यालार रवि ने बताया कि भारत सरकार अब सिर्फ ओसीआई कार्ड ही जारी करेगी. जिस व्यक्ति के पास भी यह कार्ड होगा, उसे भारत आने के लिए वीजा की जरूरत नहीं होगी. उन्होंने कहा, "अभी पूरा काम नहीं हुआ है. लेकिन यह फैसला हो चुका है कि अब सिर्फ ओसीआई कार्ड ही दिया जाएगा, जो देश में आने के लिए वीजा का काम भी करेगा."

पीआईओ कार्ड ऐसे लोगों को दिया जाता है, जो बरसों पहले भारत से प्रवास कर चुके हैं. इस कार्ड के जरिए उन्हें भारत में निवेश और आने जाने के लिए बढ़ावा देने का प्रयास किया जाता है. यह कार्ड 15 साल के लिए वैध होता है. इस कार्ड को रखने वाला व्यक्ति भारत में कई आर्थिक और शैक्षणिक फायदे भी उठा सकता है.

दूसरी तरफ ओसीआई आजीवन वीजा की तरह होता है. कोई भी व्यक्ति इसके लिए आवेदन कर सकता है, बशर्ते वह जिस देश में रह रहा है, वहां दोहरी नागरिकता का प्रावधान हो.

इस मौके पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत अमेरिका, कनाडा, सऊदी अरब, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया में नए सांस्कृतिक केंद्र स्थापित करेगा.

रिपोर्टः पीटीआई/ए जमाल

संपादनः ओ सिंह

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