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दुनिया

प्रवासियों ने बढ़ाई यूरोप की आबादी

यूरोप की आबादी 2012 में बढ़ गई हालांकि इससे पहले के साल जनसंख्या कम हो गई थी. आंकड़े बता रहे हैं कि आबादी बढ़ने की वजह प्रवासी हैं. बुधवार को यूरोपीय संघ की आबादी के बारे मे नई रिपोर्ट जारी हुई.

प्रवासियों के मामले में बढ़ते राजनैतिक शोर शराबे के बीच यूरोपीय संघ ने पिछले एक साल में प्रवासियों की कुल संख्या में 9 लाख के इजाफे की बात कही है. जन्म और मृत्यु के प्राकृतिक चक्र के कारण होने वाले कुल इजाफे की तुलना में यह चार गुना ज्यादा है. हालांकि वैध तरीके से यूरोप आने वाले प्रवासियों की संख्या लगातार दूसरे साल कम हुई है. यूरोपीय संघ की आबादी में पिछले साल 11 लाख की बढ़ोतरी हुई जबकि इससे पिछले साल में यह करीब 18 लाख कम हुई थी.

यूरोपीय संघ में आने जाने वाले और सदस्य देशों के बीच लोगों की आवाजाही पर रिकॉर्ड 18 महीने चली मंदी का भी भारी असर रहा है. साझी मुद्रा चलाने वाले यूरोजोन के देश 2012 में पूरे साल इससे जूझते रहे हैं. स्पेन में करीब 1 लाख 60 हजार लोगों ने दूसरे देशों की राह पकड़ ली. संपत्ति बाजार और कर्ज का बुलबुला फूटने के बाद यहां 25 साल से कम उम्र के हर पांच युवा में से तीन बेरोजगार हैं. प्रवासियों को खींचने वाले सबसे बड़े देश हैं, जर्मनी और इटली. इन देशों में 390,000 और 370,000 प्रवासी बढ़ गए हैं.

बेलआउट पैकेज लेने वाले ग्रीस, आयरलैंड और पुर्तगाल में पिछले साल जितने लोग आए उससे कहीं ज्यादा देश छोड़ गए. हालांकि आयरलैंड में जितने लोग आए उससे कहीं ज्यादा पैदा हुए और इनकी वजह से मौत से होने वाली कमी बहुत पीछे छूट गई. इसी बीच लिथुयानिया की आबादी में करीब 30 लाख की कमी हुई है. पूर्व सोवियत गणराज्य के देश ने एक दशक में अपनी आबादी में 50 लाख से ज्यादा लोगों की कमी देखी है. इनमें से ज्यादातर ब्रिटेन, आयरलैंड और यूरोपीय संघ के दूसरे देशों में गए हैं.

आबादी में सबसे बड़ा इजाफा ब्रिटेन में हुआ है, जहां प्रवास और स्वाभाविक जन्म दोनों मिला कर करीब चार लाख लोग बढ़ गए हैं. 1 जनवरी 2013 को यूरोपीय संघ की कुल आबादी 50.57 करोड़ थी, इसमें यूरोजोन के देशों की कुल आबादी 33.11 करोड़ है. यूरोपीय संघ में पिछले साल करीब 52 लाख बच्चे पैदा हुए. यूरोप के बड़े देशों में जर्मनी की आबादी करीब 8.05 करोड़, फ्रांस की 6.56 करोड़, ब्रिटेन की 6.39 करोड़ और इटली की 5.97 करोड़ है और इन सभी देशों की आबादी बढ़ी है.

प्रवासियों और प्राकृतिक दोनों वजहों को मिला कर यूरोप के 17 देशों में आबादी बढ़ी है. ये देश हैं, बेल्जियम, ब्रिटेन, चेक रिपब्लिक, डेनमार्क, जर्मनी, आयरलैंड, फ्रांस, इटली, साइप्रस, लग्जेमबर्ग, माल्टा, नीदरलैंड्स, ऑस्ट्रिया, स्लोवेनिया, स्लोवाकिया, फिनलैंड, स्वीडन. जबकि बुल्गारिया, एस्तुनिया, ग्रीस, स्पेन, क्रोएशिया, लातविया, लिथुआनिया, हंगरी, पोलैंड, पुर्तगाल, और रोमानिया की आबादी कम हुई है. मृत्यु दर सबसे ऊंची पूर्व साम्यवादी देशों बुल्गारिया, लातविया, लिथुआनिया, हंगरी, रोमानिया और क्रोएशिया में रही है जबकि आयरलैंड में यह सबसे कम 6.3 फीसदी रही.

एनआर/एएम (एएफपी)

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