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दुनिया

प्रयोग के दूसरे चरण में सम विषम

बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए अपनाई गई इस योजना का दूसरा चरण इसे पूरी तरह अमल में लाने के लिए अहम माना जा रहा है.

शहर भर की सड़कों में सम विषम के 15 दिनों के इस दूसरे चरण के लिए 2000 यातायात कर्मियों, 580 प्रवर्तन अधिकारी और 5000 से अधिक वॉलेंटियर्स को सड़कों पर तैनात किया गया है. इन 15 दिनों में नियम का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को हर्जाने के बतौर सीधे 2000 रुपये चुकाने होंगे. दिल्ली के कई इलाकों में ट्रैफिक ​पुलिस, अन्य सहयोगियों की मदद से सम विषम नियमों के ​अनुसार न चलने वाले लोगों का चालान कर रही है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने इस ट्वीट में ऑड इवन पॉलिसी के दूसरे चरण की शुरुआत का जिक्र करते हुए लिखा है, ''ऑड ​इवन ​आज शुरु हो रहा है. आइए सभी हाथ मिलाएं और इसे सफल बनाएं.''

लगातार बढ़ते प्रदूषण की समस्या से जूझ रहे दिल्ली शहर में इसकी रोकथाम के लिए दिल्ली सरकार ने इस साल की शुरूआत में सम विषम योजना को प्रयोग के बतौर 15 दिनों के लिए लागू किया था. शुरुआत में काफी विवाद में रही सम विषम योजना को पहले चरण के बाद काफी सफल माना जा रहा है.

बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम के लिए बनाई गई इस योजना के चलते दिल्ली की ट्रैफिक से जूझती सड़कों में भी राहत देखी जा रही है. हमेशा ट्रैफिक जाम वाली कुछ सड़कों में ऑड इवन के दूसरे चरण की शुरुआत वाले दिन ट्रैफिक सामान्य हालत में देखा गया.

आम लोगों के ​बीच में इस योजना को लेकर मिली जुली प्रतिक्रिया मिल रही है. लेकिन दिल्ली के प्रदूषण से परेशान लोग इस दिशा में उठाए जा रहे ​प्रयासों का स्वागत कर रहे हैं. सम विषम योजना के तहत महिलाओं को दी गई छूट को दूसरे चरण में भी बरकरार रखा गया है. हालांकि योजना के कई आलोचक कहते रहे हैं कि महिलाओं को भी इन नियमों के दायरे में रखा जाना चाहिए जिससे कि योजना और अधिक प्रभावी हो सके.

दिल्ली सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना अगर अपने प्रयोग के दूसरे चरण में भी सफल होती है तो इस योजना को पूरी तरह लागू करने की सरकार की राह आसान हो जाएगी.

आरजे/ओएसजे (पीटीआई)

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