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दुनिया

प्यार नहीं राजनीति लाएगी साथ

जर्मनी में किसकी सरकार बनेगी? संसद चुनावों के बाद चांसलर मैर्केल सत्ता में तभी आ सकेंगी जब विपक्ष की पार्टी एसपीडी उनका साथ देगी. लेकिन समझौता किस हद तक और कौन से मुद्दों पर होगा, नेता इन सवालों के जवाब ढूंढ रहे हैं.

विपक्ष पार्टी सोशल डेमोक्रैट्स, एसपीडी के नेता पूर्वी जर्मन शहर लाइपजिग में बैठक में हिस्सा ले रहे हैं. पार्टी ने सिगमार गाब्रियल को दोबारा अपना प्रमुख चुना है. संसद चुनाव में एसपीडी के बुरे प्रदर्शन की वजह से उन्हें बहुत आलोचना का सामना करना पड़ा है. उनकी पार्टी में कई सदस्यों का मानना है कि अगर गाब्रियल गठबंधन सरकार में एक अहम मंत्री पद या उप चांसलर का पद संभालते हैं तो इससे वह अपनी पार्टी को ही नुकसान पहुंचाएंगे.

एसपीडी के कुछ सदस्य मानते हैं कि गाब्रियल को कुर्सी की इस लड़ाई से विदा ले लेनी चाहिए और लोकहित सरकार पर एसपीडी की सोच का प्रचार करना चाहिए. बहरहाल एसपीडी को इस वक्त गाब्रियल से ही काम चलाना होगा. पार्टी नेता के चुनाव में वह एक अकेले उम्मीदवार थे और लाइपजिग आए नेताओं में से कई ने तो उनके खिलाफ वोट डाले.

प्रेम का नाम नहीं

Koalitionsgespräche 13.11.2013

पार्टी बैठक में आए वरिष्ठ नेता

चांसलर अंगेला मैर्केल की क्रिस्टियन डेमोक्रैटिक यूनियन सीडीयू और उसकी गठबंधन पार्टी सीएसयू पूर्ण बहुमत हासिल करने में असफल रही है. मैर्केल ने एसपीडी के सामने प्रस्ताव रखा है कि वह विवादित नीतियों पर समझौता करने की कोशिश करें. उधर एसपीडी के गाब्रियल समझौता करने के लिए राजी होते दिख रहे हैं हालांकि उन्होंने साफ साफ कहा है कि सीडीयू के साथ गठबंधन "प्रेम से बनी जोड़ी" नहीं होगी और वह अपनी कुछ नीतियों के लिए संघर्ष करते रहेंगे.

गाब्रियल चाहते हैं कि चांसलर श्रमिकों के लिए एक न्यूनतम वेतन तय करें जो प्रति घंटा 8.50 यूरो से कम नहीं हो. साथ ही वह जर्मनी में दोहरी नागरिकता की अनुमति देना चाहते हैं ताकि लंबे समय से जर्मनी में रह रहे विदेशियों को मतदान का अधिकार मिले. उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हजारों विदेशी मजदूरों के लिए सामाजिक अधिकार हासिल करना सीडीयू के साथ गठबंधन में आने को सही ठहरा सकता है. हमें एक होकर यह कोशिश करनी होगी."

कौन है किसका दोस्त

SPD Parteitag 14.11.2013

अपनी मांगों पर अड़े रहेंगे गाब्रियल

एसपीडी में गाब्रियल के खिलाफ आम सदस्यों की भावनाओं के बावजूद गठबंधन के साथ उनकी योजना पर कुछ खास सवाल नहीं उठे. मैर्केल के साथ गठबंधन के अलावा एसपीडी के पास एक और विकल्प है. पार्टी के कुछ सदस्यों ने प्रस्ताव रखा है कि वह ग्रीन पार्टी और वामपंथी डी लिंके के साथ आ जाएं, लेकिन गाब्रियल का मानना है कि डी लिंके में इस वक्त इतना अनुशासन नहीं कि वह सरकार में शामिल हो सके.

हालांकि अपने पार्टी सदस्यों को खुश रखने के लिए गाब्रियल ने कहा है कि 2017 के चुनावों में डी लिंके को साथ ले लिया जाएगा. जर्मनी में राजनीति अब किसी भी ओर पलट सकती है, चांसलर मैर्केल किसी भी वक्त एसपीडी को छोड़कर ग्रीन पार्टी को अपनी तरफ लुभाने और सरकार बनाने की कोशिश कर सकती हैं.

एमजी/एनआर (एएफपी, डीपीए)

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