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दुनिया

पोप बेनेडिक्ट का इस्तीफा

कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप बेनेडिक्ट 16वें ने अपने पद से अचानक इस्तीफा देने की घोषणा की है. 85 वर्षीय पोप ने अपनी उम्र को इसका कारण बताया है. कई सौ सालों में यह पहला मौका है जब किसी पोप ने इस्तीफा दिया है.

पोप बेनेडिक्ट ने सोमवार को इस्तीफा देने की औचक घोषणा की. कार्डिनलों की बैठक में उनकी घोषणा लैटिन भाषा में थी और उन्होंने बढ़ती उम्र को पद छोड़ने का कारण बताया. अपने बयान में पोप ने कहा कि वे पद की जिम्मेदारी का भार अनुभव कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अपने फैसले पर उन्होंने काफी समय विचार किया है और गिरजे की भलाई के लिए यह फैसला लिया है. पोप बेनेडिक्ट ने कहा कि उन्हें अपने फैसले के महत्व का एहसास है, लेकिन वे पूरी आजादी के साथ 19 अप्रैल 2005 को कार्डिनलों द्वारा उन्हें सौंपा गया पद छोड़ रहे हैं. उन्होंने कार्डिनलों से नए पोप का चुनाव करने का आग्रह किया.

पोप के भाई गियोर्ग रात्सिंगर ने कहा है कि कैथोलिक धर्मगुरु ने बिगड़ते स्वास्थ्य के कारण पदत्याग करने का फैसला लिया है. पोप बेनेडिक्ट के 89 वर्षीय भाई ने समाचा एजेंसी डीपीए से कहा कि उम्र दबाव डाल रही है. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने पोप को सलाह दी है कि वे अब कोई ट्रांस अटलांटिक दौरा न करें. उन्हें पैदल चलने में भी मुश्किल हो रही है.

कैथोलिक गिरजे के डीन अंजेलो सोडानो ने पोप बेनेडिक्ट को फैसले को खुले आसमान से बिजली गिरने जैसा बताया. 2005 से पोप के पद पर आसीन बेनेडिक्ट ने कुछ दिन पहले साफ किया था कि वे स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ने की कल्पना कर सकते हैं. कार्डिनलों की बैठक वैटिकन में संतों के नामों की घोषणा पर विचार करने के लिए इकट्ठा हुई थी.

पोप की घोषणा पर विभिन्न राजनेताओं ने भी प्रतिक्रिया की है. फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसोआ ओलांद ने इसे अत्यंत सम्मानजनक कदम बताया है. यूरोपीय संसद में विदेशनीति आयोग के प्रमुख और जर्मनी के सांसद एल्मार ब्रॉक ने पोप के फैसले के साथ समझदारी जताते हुए कहा, "बढ़ते पैमाने पर धर्मनिरपेक्ष होते विश्व में ईसाई गिरजा भारी चुनौती का सामना कर रहा है और उसे अपना रास्ता तलाशना है."

जर्मन सरकार ने पोप बेनेडिक्ट के फैसले के लिए आदर का इजहार किया है. सरकारी प्रवक्ता श्टेफान जाइबर्ट ने कहा कि ईसाई और कैथोलिक के रूप में वे द्रवित हैं. उन्होंने कहा कि अपने आठ साल के कार्यकाल में पोप ने विचारक और धर्माबलंबी के रूप में खास पहचान छोड़ी है.

कार्डिनल योजेफ रात्सिंगर को 2005 में पोप योहानेस पॉल द्वितीय की मौत के बाद कार्डिनलों की एक बैठक में उनका उत्तराधिकारी चुना गया था. यह बैठक 26 घंटे चली थी और उन्हें चौथे चक्र में कैथोलिक गिरजे का 265वां पोप चुना गया था. उन्होंने पोप चुने जाने पर बेनेडिक्ट सोलहवें के नाम से पद संभाला. पोप बेनेडिक्ट का जन्म जर्मनी के मार्क्टल अम इन में 16 अप्रैल 1927 को हुआ था.

पोप बेनेडिक्ट करीब 600 साल बाद पद छोड़ने वाले पहले कैथोलिक धर्मगुरु हैं. पद से इस्तीफा देने वाले पिछले पोप ग्रेगोर बारहवें थे जिन्होंने 1415 में गिरजे मे विभाजन समाप्त करने के लिए पद छोड़ा था. नए पोप का फैसला ईस्टर से पहले होगा. वैटिकन के प्रवक्ता फ्रेडरिको लोम्बार्डी ने कहा है कि ईस्टर में हमारे नए पोप होंगे. उन्होंने कहा कि चुनाव के लिए कार्डिनलों की बैठक इस्तीफे के 15 से 20 दिन बाद हो सकती है. बेनेडिक्ट अपना पद 28 फरवरी 2013 को छोड़ेंगे. ईस्टर रविवार 31 मार्च को है.

एमजे/ओएसजे (डीपीए, एपी, रॉयटर्स)

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