पोप ने विश्व आर्थिक क्रम बदलने पर दिया जोर | दुनिया | DW | 10.07.2015
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दुनिया

पोप ने विश्व आर्थिक क्रम बदलने पर दिया जोर

कैथोलिक गिरजे के प्रमुख पोप फ्रांसिस ने विभिन्न देशों और एजेंसियों द्वारा दूसरे देशों पर मितव्ययिता के कठोर उपाय थोपने पर निशाना साधते हुए पिछड़े वर्गों से विश्व आर्थिक ढांचा बदलने की अपील की है.

पोप ने "नव उपनिवेशवाद" की आलोचना की और गरीबों को श्रम, आवास और भूमि जैसे "पवित्र अधिकार" दिए जाने पर बल दिया. चौथी सदी के एक बिशप का हवाला देते हुए पोप फ्रांसिस ने आजकल व्याप्त निरंकुश पैसे की लालसा को "शैतान का मल" बताया और कहा कि गरीब देशों को महज विकसित देशों के लिए सस्ते श्रम और कच्चे माल का श्रोत नहीं समझना चाहिए.

मौजूदा प्रणाली की निंदा करते हुए पोप फ्रांसिस ने कहा कि ये प्रणाली सामाजिक बहिष्कार या प्रकृति के विनाश की चिंता किए बिना केवल किसी भी कीमत पर लाभ कमाने पर बल देती है. पोप ने कहा, "हमें यह कहने में डर नहीं है कि हमें बदलाव चाहिए, वास्तविक बदलाव, संरचनात्मक बदलाव. यह प्रणाली अब असहनीय है: खेतिहर मजदूरों को यह असहनीय लगता है, मजदूरों को यह असहनीय लगता है, समुदायों को यह असहनीय लगता है, लोगों में यह असहनीय लगता है, स्वयं पृथ्वी – जिसे सेंट फ्रांसिस हमारी बहन-माँ बुलाते थे - को भी यह असहनीय लगता है."

2013 में अपने चुनाव के बाद से ही पोप फ्रांसिस, जो कि लैटिन अमेरिका से पहले पोप हैं, अक्सर गरीबों के समर्थन में और बेलगाम पूंजीवाद के खिलाफ बोलते आए हैं. पिछले हफ्ते उन्होंने यूरोपीय अधिकारियों से ग्रीस में आर्थिक संकट के समाधान के लिए जारी बहस के केंद्र में मानव गरिमा पर ध्यान देने पर जोर दिया था.

पूंजीवाद पर पोप फ्रांसिस के पिछले हमलों की अमेरिका के कई नेताओं और टिप्पणीकारों ने कड़ी आलोचना की है. गौरतलब है कि पोप सितंबर में अमेरिका का दौरा करेंगे. उनके भाषण से पहले बोलीविया के वामपंथी राष्ट्रपति एवो मोरालेस ने भाषण दिया. मोरालेस के जैकेट पर अर्जेंटीना के क्रांतिकारी अर्नेस्टो "चे" ग्वेरा की तस्वीर बनी थी. चे को सीआईए समर्थित बोलीवियाई सैनिकों ने 1967 में मौत के घाट उतारा था. पोप ने बोलीविया के सामाजिक सुधारों की प्रशंसा की. बुधवार को मोरालेस ने पोप को लकड़ी से बनी हंसिया और हथौड़े की एक मूर्ति भेंट की जिसमें हथौड़े पर ईसा मसीह की मूर्ति बनी थी.

पोप ने मजदूर संघों का बचाव किया और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए सहकारी समितियों का गठन करने के लिए गरीब लोगों की प्रशंसा की. अपने आवेशपूर्ण भाषण के दौरान अर्जेंटीना में जन्मे पोप ने रोमन कैथोलिक चर्च द्वारा अमेरिका पर अपना प्रभाव फैलाने की कोशिश के दौरान मूल अमेरिकियों पर किए गए पापों के लिए क्षमा भी मांगी.

भाषण के अंत में जब पोप फ्रांसिस ने खानों में काम करनेवाले लोगों की पीले रंग की टोपी पहनी तो दर्शकों ने खड़े होकर उनका जोरदार अभिवादन किया.

एपी/एमजे (रॉयटर्स)