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खेल

पोंटिंग: क्या हुआ तेरा वादा

एडिलेड टेस्ट में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को हराया नहीं बल्कि रौंदा. घरेलू मैदान, शक्तिशाली टीम, दर्शकों का समर्थन और भी कई ऐसी बातें जिनसे ऑस्ट्रेलिया को वर्तमान एशेज में फेवरेट माना गया. फिर भी इंगलिश टीम भारी पड़ी.

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कहां गया जीत का वादा

एडिलेड टेस्ट में इंग्लैंड की जीत का अंतर एक पारी और 71 रन रहा. एशेज शुरू होने से पहले कप्तान रिकी पोंटिंग ने दावा किया था कि जीतेंगे तो हम ही. साथ ही उन्होंने घरेलू दर्शकों से वादा भी किया था कि इत्मीनान रखिए, जीत ऑस्ट्रेलिया की ही होगी. लेकिन एडिलेड में जिस तरह से पंटर एंड कम्पनी की पराजय हुई है, उससे टीम का मनोबल गिर गया है. सीरीज में वापसी के लिए ऑस्ट्रेलिया को चमत्कारी प्रदर्शन करना होगा, क्योंकि इंग्लैंड की टीम जीत के बावजूद सर्तक है और वह जानती है कि उसका 'मिशन एशेज' तब तक अधूरा है, जब तक कि वह सीरीज अपने नाम न कर ले.

Cricket Ashes Series Australien vs England

एलिस्टियर कुक ने एक बार फिर बताया कि टेस्ट क्रिकेट में किसी सलामी बल्लेबाज को किस मानसिकता से बल्लेबाजी करनी चाहिए. जिस धैर्य से कुक ने ओवर दर ओवर बल्लेबाजी की, उससे नवोदित बल्लेबाजों को सीखना चाहिए कि टेस्ट क्रिकेट के लिए कुक वाला टैम्प्रामेंट क्यों जरूरी है.

अब जिक्र करते हैं उस बल्लेबाज का जिसने मैच को पूरी तरह इंग्लैंड की तरफ मोड़ दिया. केविन पीटरसन ने भले ही मार्च 2009 के बाद टेस्ट शतक लगाया हो, लेकिन उनकी 227 रनों की पारी ने मानों इतने दिनों की सारी कसर पूरी कर दी. पीटरसन ने सभी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की बराबर 'सेवा' की, लेकिन उनका 'लगाव' डग बोलिंगर, जेवियर डोहर्टी के प्रति ज्यादा दिखा. डोहर्टी ने 5.85 की औसत से रन लुटाए, जबकि बोलिंगर ने 4.48 की औसत से मार खाई. इन गेंदबाजों की इस दयनीय दशा के लिए पीटरसन ज्यादा जिम्मेदार रहे. पीटरसन ने डोहर्टी पर 101.66 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए, जबकि बोलिंगर को उन्होंने 85.29 की स्ट्राइक रेट से पीटा.
एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी पर नजर डालें तो पता चलता है कि कहीं कोई बड़ी खामी नहीं है.

साइमन कैटिच से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन एडिलेड की दोनों पारियों में वे जिस तरह आउट हुए वह उनकी बदकिस्मती थी, न कि असफलता. शेन वॉटसन अपनी भूमिका से खुश हैं, लेकिन टीम प्रबंधन शायद उनसे अपने अर्धशतक को शतक में बदलने की उम्मीद रखता है. वॉटसन कई बार अर्धशतक बनाने के फौरन बाद आउट हो जाते हैं. पोंटिंग खुद बहुत अच्छी फॉर्म में नहीं हैं. एक तो कप्तानी की चारों तरफ हो रही आलोचनाएं, दूसरी दिक्कत यह कि बल्ला भी खामोश है. एडिलेड में करारी हार के बाद पोंटिंग का विश्वास हिल चुका है. आगे की राह भी कठिन है.

Cricket Ashes Cup Englad Australien Juli 2009

माइकल क्लार्क ने जरूर एडिलेड में दूसरी पारी में 80 रन बनाए, लेकिन ये उनकी आत्मसंतुष्टि के लिए ठीक है, लेकिन वे टीम को हार से नहीं बचा पाए. क्लार्क अब तक वर्तमान एशेज सीरीज में अपनी उपयोगिता साबित करने में असफल रहे हैं. क्लार्क की फॉर्म और फिटनेस देखकर अब उन चर्चाओं पर भी विराम लगता जा रहा है, जिनमें कहा जा रहा था कि वे ऑस्ट्रेलिया के अगले कप्तान..

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