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दुनिया

पेशेवर नहीं था मिस्री विमान का अपहरणकर्ता

साइप्रस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अपहृत विमान को छुड़ा लिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि अपहरणकर्ता ने आत्मसमर्पण कर दिया है.

साइप्रस के विदेश मंत्रालय का कहना है कि अपहरणकर्ता शायद मानसिक रूप से अस्थिर है. लरनाका के हवाई अड्डे पर जहाज उतरने के कुछ समय बाद मिस्री यात्रियों को छोड़ दिया गया था. विमान पर सिर्फ चार विदेशी यात्री और कर्मी दल था. अपहरण कांड खत्म होने की जानकारी देते हुए साइप्रस के विदेश मंत्रालय ने ट्वीट किया, "इट्स ओवर".

उधर काहिरा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मिस्र के प्रधानमंत्री शरीफ इस्माइल ने बताया कि अपहरणकर्ता मिस्र का नागरिक है और उसने किस उद्देश्य से ऐसा किया, यह अभी साफ नहीं हो पाया है. उन्होंने कहा, "एक बार उसने यूरोपीय संघ के किसी प्रतिनिधि से मिलने की मांग की, फिर कई बार उसने दूसरे हवाई अड्डे पर विमान ले जाने की इच्छा भी व्यक्त की लेकिन कुछ भी साफ नहीं था." इस व्यक्ति से अब पूछताछ चल रही है.

वहीं मिस्र के नागरिक उड्डययन मंत्रालय का कहना है कि पायलट ओमर अल गमाल ने अधिकारियों को सूचित किया था कि एक यात्री ने उन्हें धमकी दी कि उसने आत्मघाती बेल्ट पहनी हुई है और विमान को लरनाका की ओर नहीं मोड़ा गया, तो वह विस्फोट कर देगा. अधिकारियों का अब कहना है कि यह बेल्ट असली नहीं थी लेकिन यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पायलट को उस समय अपहरणकर्ता की बात मानने के आदेश दिए गए थे. मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है, "हमारे सभी यात्री कुशल हैं, हमारा क्रू भी सलामत है. हम यह नहीं कह सकते कि यह एक आतंकी हमला था. वह व्यक्ति पेशेवर नहीं था."

कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि लरनाका हवाई अड्डे पर उस व्यक्ति ने अरबी भाषा में लिखा हुआ पत्र छोड़ा, जिसे उसने अपनी पत्नी तक पहुंचाने की मांग की. जबकि साइप्रस ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन के अनुसार इस व्यक्ति ने एक महिला कैदी की रिहाई की मांग की है, जो कि एक राजनीतिक कदम हो सकता है. मामले की जांच जारी है.

आईबी/एमजे (रॉयटर्स)


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