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जर्मन चुनाव

पेशी पर नहीं पहुंचे मोदी के मंत्री अमित शाह

गुजरात के गृह राज्य मंत्री अमित शाह सीबीआई के समन पर पेशी के लिए हाजिर नहीं हुए. मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी शाह से सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ कांड में पूछताछ होनी थी. अब सीबीआई ने उन्हें शुक्रवार को फिर बुलाया है.

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यह पहला मौका है जब गुजरात पुलिस की फर्जी मुठभेड़ में राज्य सरकार के मंत्री को समन भेजा गया है. यह मुठभेड़ नवंबर 2005 की है जिसमें सोहराबुद्दीन को आतंकवादी बता कर मार गिराया गया था.

जब शाह समन के मुताबिक गुरुवार को दोपहर एक बजे तक सीबीआई के दफ्तर में नहीं पहुंचे तो सीबीआई ने दूसरा समन जारी कर उन्हें शुक्रवार दोपहर एक बजे तलब किया है. अमित शाह मोदी सरकार में गृह राज्य मंत्री हैं. गृह मंत्रालय मुख्यमंत्री ने अपने पास ही रखा है.

राज्य सरकार ने कहा है कि वह शाह को मिले समन के सिलसिले में कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करेगी. सरकारी प्रवक्ता और स्वास्थ्य मंत्री जयनारायण व्यास ने कहा, "मुझे मीडिया से समन बारे में पता चला है. जो भी कानूनी प्रक्रिया होगी हम उसका पालन करेंगे."

शाह कुछ दिनों से मंत्रिमंडल की बैठकों में हिस्सा नहीं ले रहे हैं और वह दफ्तर भी नहीं जा रहे हैं. बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में भी वह हाजिर नहीं थे. कैबिनेट की बैठकों में गृह राज्य मंत्री की गैर मौजूदगी से इन अटकलों को बढ़ावा मिला कि कहीं सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ मामले में सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार तो नहीं कर लिया है. कांग्रेस ने अमित शाह से नैतिक आधार पर इस्तीफा मांगा है. नई दिल्ली में कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा है कि सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ मामले पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए.

वहीं बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस सीबीआई का दुरुपयोग कर ही है. राजकोट में बीजेपी नेता और सांसद विजय रुपानी ने कहा, "कांग्रेस बीजेपी शासित राज्यों के खिलाफ सीबीआई का गलत इस्तेमाल कर रही है. दूसरे राज्यों में भी बहुत सी मुठभेड़ें हुई हैं, उन मामलों की सीबीआई से जांच कराने में कांग्रेस की कोई दिलचस्पी नहीं है."

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी है. इस सिलसिले में उसने अहमदाबाद की क्राइम ब्रांच के मुखिया अभय चूडासामा को गिरफ्तार किया. उनके खिलाफ 26 जुलाई को चार्जशीट दाखिल की जा सकती है. चूडासामा पर फिरौती के एक ऐसे रैकेट का हिस्सा होने का आरोप है जिसे आतंकवाद से खिलाफ मुहिम के नाम पर चलाया जा रहा है.

इससे पहले सीआईडी (क्राइम) इस मामले की जांच कर रही थी. उसने गुजरात काडर के आईपीएस अफसरों डीजी वंजारा और राजकुमार पांडियान व राजस्थान काडर के आईपीएस अधिकारी दिनेश एमएन को गिरफ्तार किया था. सीआईडी (क्राइम) ने सुप्रीम कोर्ट के सामने माना कि यह मुठभेड़ फर्जी थी और सोहराबुद्दीन की बीवी कौसर बी को गुजरात पुलिस ने मारा. इस मामले में गुजरात और राजस्थान के कुल 14 पुलिस कर्मी जेल में हैं.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः आभा एम

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