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मनोरंजन

पुसी रॉयट की तोलोकोनिकोवा की खबर नहीं

जेल में बंद पुसी रॉयट की कलाकार नादियेज्दा तोलोकोनिकोवा की दो हफ्ते से कोई खबर नहीं है. उन्होंने दूसरी जेल में भेजे जाने का अनुरोध किया था.

रूसी प्रिजन कॉलोनी की जेल से ट्रांसफर होने के बाद से उनकी कोई खबर नहीं है. यह जानकारी उनके पति ने दी है. सितंबर में तोलोकोनिकोवा ने मोरदोविया की जेल में बुरे हालात के विरोध में भूख हड़ताल शुरू की थी. उनका कहना था कि इस बस्ती में गुलामी जैसे हालात हैं. उन्होंने इसे हत्या की धमकी भी करार दिया था.

तोलोकोनिकोवा के पति प्योत्र वेर्जिलोव ने बताया कि कैंप छोड़ने के बाद से उनकी पत्नी की कोई खबर उन्हें नहीं मिली है. "13 दिन से मैंने नादियेज्दा के बारे में कुछ नहीं सुना. हमें लगता है कि जेल अधिकारियों ने इस तरह से उसे दंड देने का तरीका अपनाया है." वोइना (युद्ध) नाम के आर्ट ग्रुप के प्रमुख वेर्जिलोव ने बताया कि सूत्रों के मुताबिक तोलोकोनिकोवा उराल पहाड़ियों के चेल्याबिन्स्क शहर से गुजरी थीं.

सजा देने वाले कार्यालय ने इस बात की तो पुष्टि की है कि तोलोकोनिकोवा को मोरदोविया की जेल से दूसरी जेल में भेजा गया है लेकिन कहां, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी.

वोइना ने ट्विटर पर बताया कि तोलोकोनिकोवा को किस जेल में भेजा गया है यह बाद में बताया जाएगा. पुसी रॉयट की तोलोकोनिकोवा और उनकी साथी मारिया अलेचीना को मॉस्को चर्च में एक गाने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था. इसमें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और रूसी ऑर्थोडॉक्स चर्च की आलोचना की गई थी. उन्हें दो साल जेल की सजा दी गई. इन्हें मार्च में रिहा किया जाएगा.

तोलोकोनिकोवा ने एक खुले खत में जेल में अमानवीय स्थिति का वर्णन करते हुए लिखा था, "कॉलोनी में रोजमर्रा का जीवन कुछ इस तरह तय किया गया है कि जेल के मैनेजरों से आदेश लेने वाले कुछ ऐसे कैदी जो किसी न किसी समूह के लीडर हैं बाकी कैदियों के साथ इस तरह का व्यवहार करते हैं कि उनकी हिम्मत टूट जाती है. वे उन्हें बहुत परेशान करते हैं और उन्हें अपना दास बनाकर रखते हैं."

मोरदोविया का यह बंदी कैंप मॉस्को से लगभग पांच हजार किलोमीटर दूर दक्षिण पश्चिम में है. इस इलाके में जंगलों से घिरीं 18 जेले हैं. इन जेलों में उम्रकैद की सजा पाए विदेशियों, पुरुषों, महिलाओं, पूर्व पुलिस अफसरों और ऐसी महिलाओं को रखा जाता है, जिनके बच्चे छोटे हैं.

वैसे तो मोरदोविया की जेल में खराब हालात के बारे में पहले भी शिकायतें होती रही हैं लेकिन तोलोकोनिकोवा की शिकायत के बाद सारी दुनिया का ध्यान इस जेल पर गया.

एएम/एनआर(एएफपी)

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