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दुनिया

पुतिन पर बढ़ा यूक्रेन में हिंसा रोकने का दबाव

अमेरिका ने रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन पर यूक्रेन में हिंसा रोकने का दबाव बढ़ा दिया है. राष्ट्रपति ओबामा और चांसलर मैर्केल की बातचीत के बाद यूरोपीय संघ के विदेश मंत्री रूस पर नए प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहे हैं.

एक ओर अमेरिका ने रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन पर यूक्रेन में जल्द से जल्द हिंसा ना रोकने पर उसके खिलाफ कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी है, तो वहीं दूसरी ओर यूक्रेनी राष्ट्रपति पेत्रो पोरोशेंको ने पुतिन को पत्र लिख कर हमलों को तुरंत रोकने की अपील की है. पोरोशेंको ने पुतिन को लिखे अपने पत्र में हमलों को तुरंत रोकने और सितंबर में मिलकर तय की गई मिंस्क शांति योजना को लागू करने की मांग की.

इधर रूस के खिलाफ और कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने पर ईयू के बयान के बाद ग्रीस और साइप्रस ने शिकायत की कि उनसे सलाह नहीं ली गई. गुरुवार को ब्रसेल्स में ईयू के विदेश मंत्रियों की बैठक में आयोग से रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों पर विचार करने के लिए कहा जाएगा. इसकी उम्मीद कम ही है कि अगर ईयू के सभी 28 देश मिलकर रूस पर नए प्रतिबंध का फैसला लेते हैं तो ये दोनों देश इसका विरोध करेंगे.

पश्चिमी प्रतिबंधों और तेल की कीमतों में आई वैश्विक गिरावट ने मिलकर रूसी अर्थव्यवस्था को चरमरा दिया है. 'स्टैंडर्ड एंड पुअर' नाम की रेटिंग एजेंसी ने मॉस्को के वित्तीय साख को "जंक" यानि कबाड़ बताया है. यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि पुतिन के 15 सालों के शासन में पहली बार इतनी खराब रेटिंग मिली है. एक तो पश्चिमी देशों का प्रतिबंध और उस पर खराब रेटिंग, निवेशकों के लिए रूस से दूर रहना लाजमी बनाएगी.

फिर भी पश्चिमी देशों के प्रति पुतिन के रवैये या पुतिन के लिए रूसी लोगों के विश्वास में ज्यादा अंतर नहीं आया है. यूक्रेन के रूस-समर्थक बागियों ने पिछले हफ्ते यूक्रेन में शांति वार्ता को बंद करने को लेकर प्रदर्शन किया और एक रॉकेट हमले में 30 से ज्यादा लोगों की जान चली गई. संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि अब तक यूक्रेन में चल रहे गृहयुद्ध में मरने वालों की संख्या 5,100 को भी पार कर गई है.

पुतिन ने हाल ही में नाटो पर पूर्वी यूक्रेन में छद्म युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया और कहा कि नाटो रूस को कमजोर करने का कोशिश कर रहा है. अमेरिकी वित्त मंत्री जैक ल्यू ने कीव की अपनी यात्रा पर कहा कि शीतयुद्ध के बाद रूस के साथ पैदा हुए इस सबसे बड़े संकट को अमेरिका दूर करना चाहता है. ल्यू ने कहा, "इसके लिए राजनयिक उपाय हमारा पहला विकल्प हैं, जिससे प्रतिबंधों को कम किया जा सके."

यूक्रेन में बागियों को समर्थन देने के आरोपों से रूस ने साफ इंकार किया है और उसका कहना है कि अमेरिकी नीतियों का विरोध करने के कारण रूस पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं. जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मंगलवार रात टेलिफोन पर बातचीत की. उनमें "रूस को उसके कृत्यों के लिए जिम्मेदारी उठाने की जरूरत" पर सहमति बनी. यूक्रेन की अर्थव्यवस्था पिछले साल करीब आठ फीसदी सिकुड़ गई और उस पर विदेशी कर्ज का पहाड़ बन गया है. ऐसा ही चलता रहा तो कुछ ही महीनों में यूक्रेन कर्ज अदा करने की हालत में नहीं होगा.

आरआर/एमजे(एएफपी)

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