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दुनिया

पुंछ में हमले से पाकिस्तान का इनकार

कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास गश्त लगाते भारतीय जवानों पर हमले में पांच सैनिकों की मौत हो गई है. अभी यह साफ नहीं है कि हमला किसने किया, पाकिस्तान ने इसमें शामिल होने से इनकार किया है.

भारतीय सेना के मुताबिक भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों और पाकिस्तानी सैनिकों के एक दल ने मंगलवार की सुबह घात लगा कर हमला किया. भारतीय सेना का कहना है कि 15-20 आतंकवादी थे जिन्हें पीछे से पाकिस्तान की नियमित सेना का साथ मिला हुआ था. हमलावरों का यह दल नियंत्रण रेखा को पार कर भारतीय सीमा में घुस आया.

जम्मू से करीब 200 किलोमीटर दूर चक्कन दा बाग इलाके में इन्होंने पुंछ ब्रिगेड की सारलाह चौकी के पास हमला बोला. सेना के एक अधिकारी ने बताया, "हमारे क्षेत्र में करीब 450 मीटर अंदर गोलीबारी हुई है जिसमें 21 बिहार रेजिमेंट के पांच जवान मारे गए हैं और एक जवान घायल हुआ है."

पाकिस्तान ने इन हमलों में हाथ होने से इनकार करते हुए आरोपों को बेबुनियाद और व्यर्थ" कहा है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है, "हम युद्ध विराम के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और भारत के साथ शांति वार्ता जल्द शुरू करना चाहते हैं. हमने सेना ने इस बात की पुष्टि कर ली है कि ऐसा कोई हमला नहीं हुआ है. "

इस बार भी हमला कश्मीर के पुंछ सेक्टर में ही हुआ है. जनवरी में ऐसे ही एक हमले में एक सैनिक की मौत हुई थी और हमलावरों ने उसका सिर काट दिया था. इसके बाद भारत पाकिस्तान के बीच प्रस्तावित बातचीत रुक गई. अब उसी इलाके में फिर हमला हुआ है और पांच सैनिकों की मौत हुई है. हमले की खबर आने के बाद भारत की संसद में जम कर हंगामा हुआ और विपक्षी दलों ने सरकार से इस पर जवाब मांगा है.

भारत के गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने दिल्ली में संसद के बाहर पत्रकारों से कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. अगर पाकिस्तान भारत के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है तो यह रास्ता ठीक नहीं." पिछले महीने ही नवाज शरीफ के नेतृत्व में बनी पाकिस्तान की नई सरकार ने भारत के साथ बातचीत के लिए तारीखों का प्रस्ताव भेजा और भारत अभी अपना जवाब तैयार कर रहा था. प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपने चुनावी अभियान में भारत के साथ बेहतर रिश्तों का भी वादा किया था. सितंबर में संयुक्त राष्ट्र की वार्षिक आम सभा के दौरान अलग से नवाज शरीफ और भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मुलाकात होने की भी बात कही जा रही है.

इस साल कश्मीर में सुरक्षाकर्मियों पर घातक हमलों में तेजी आ गई है. भारतीय सेना ने पिछले महीनों में करीब 25 उग्रवादियों को मार गिराया. भारतीय सुरक्षा विश्लेषक लंबे समय से यह आशंका जता रहे हैं कि 2014 में अफगानिस्तान से पश्चिमी देशों की सेना के जाने के बाद उग्रवादी गुटों का ध्यान भारत और कश्मीर की तरफ मुड़ेगा. शनिवार को पूर्वी अफगानिस्तान के शहर जलालाबाद में भारतीय कॉन्सुलेट पर भी हमला हुआ था.

एनआर/एमजे (पीटीआई, रॉयटर्स)

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