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जर्मन चुनाव

पीएम ने मुझसे सफाई नहीं मांगी: पवार

प्याज, टमाटर सहित खाद्य पदार्थों की आसमान छूती कीमतों के बाद कृषि मंत्री शरद पवार आलोचना के घेरे में हैं. पवार ने अपना बचाव करते हुए कहा है कि बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने उनसे स्पष्टीकरण नहीं मांगा.

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मीडिया में ऐसी रिपोर्टें हैं कि लगातार बढ़ती कीमतों के चलते प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शरद पवार से सफाई मांगी हैं. पवार ने कुछ ही दिन पहले कहा था कि जरूर कदम उठा लिए गए हैं लेकिन फिर भी कीमतें नीचे आने में तीन हफ्ते का समय लग सकता है. हालांकि पवार प्रधानमंत्री के स्पष्टीकरण मांगे जाने से इनकार कर रहे हैं.

अहमदाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान पवार ने पत्रकारों को बताया, "मैंने कुछ अखबारों में पढ़ा है कि प्रधानमंत्री ने मुझसे सफाई मांगी है लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है. मुद्रास्फीति की दर 18 फीसदी से घटकर 11 फीसदी हुई है और सिर्फ सब्जियों में यह 12 फीसदी तक पहुंची है." पवार से जब पूछा गया कि सब्जियों की बढ़ती कीमतों के लिए वह किसे जिम्मेदार मानते हैं तो उन्होंने कहा कि बेमौसम बरसात से फसलों को नुकसान पहुंचा है और कीमतों का बढ़ना उसी का नतीजा है.

"बारिश की उम्मीद नहीं थी लेकिन बरसात हो गई जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ. मुझे नहीं पता कि क्या बारिश जलवायु परिवर्तन की वजह से हो रही है. एक महीने पहले हम मानकर चल रहे थे कि सब्जियों की कीमतों में कमी आएगी लेकिन खराब फसल के चलते दाम बढ़ते चले गए. ऐसी स्थिति में महाराष्ट्र और कर्नाटक में समस्या बढ़ गई है. वहीं से कुल मांग का 40 फीसदी प्याज आना था."

उधर सरकार लगातार लोगों को भरोसा दिलाने में जुटी है कि सब्जियों की कीमतों में कमी आ रही है और जल्द ही स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी. वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि प्याज के निर्यात पर पाबंदी लगा दी गई है और आयात शुल्क घटाकर शून्य कर दिया गया है. कीमतों में कमी आई है. कुछ दिन पहले अचानक प्याज की कीमतें बढ़कर 85 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई जिससे देश में हंगामा मच गया और सरकार को स्थिति में सुधार लाने के लिए हरकत में आना पड़ा.
रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: ओ सिंह

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