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जर्मन चुनाव

पीएम के लौटने के बाद राजा पर फैसला!

2जी स्पैक्ट्रम घोटाले के दलदल में फंसते जा रहे टेलीकॉम मंत्री ए राजा को यूपीए मंत्रीमंडल से हटाने का दबाव बढ़ता जा रहा है. ऐसे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह शुक्रवार को सोल से लौटने के बाद इस बारे में फैसला ले सकते हैं.

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2जी स्पैक्ट्रम में लाइसेंस वितरण के दौरान भारी अनियमितता के आरोप लगे हैं और कमपट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (कैग) की रिपोर्ट भारतीय मीडिया में लीक हो गई है. मीडिया के मुताबिक इस रिपोर्ट में टेलीकॉम मंत्री ए राजा पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं और कहा गया है कि कानून मंत्रालय, वित्त मंत्रालय की सलाह को दरकिनार करते हुए उन्होंने मनमाने तरीके से लाइसेंस बांटे जिससे सरकार को एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ.

न्यूज एजेंसी पीटीआई ने एक सूत्र के हवाले से बताया है कि दक्षिण कोरिया की यात्रा कर रहे प्रधानमंत्री की भारत वापसी के बाद राजा के भविष्य पर फैसला लिया जा सकता है. "किसी घोटाले के लिए सीधे सीधे कैबिनेट मंत्री पर अंगुली उठना आम बात नहीं है. ऐसी परिस्थिति में सरकार के लिए उन्हें मंत्री पद पर बरकरार रखना मुश्किल होगा." प्रधानमंत्री जी20 बैठक में शामिल होने के लिए सोल शहर में हैं. कैग ने सरकार को रिपोर्ट पेश कर दी है.

कैग का कहना है कि उन्हें 2जी स्पैक्ट्रम वितरण के मामले में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. माना जा रहा है कि कथित घोटाले से सरकार को 1.76 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

सूत्रों के मुताबिक कैग ने अपनी रिपोर्ट में राजा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 2जी स्पैक्ट्रम की कीमत बेहद कम लगाई और 2008 में लाइसेंस ऐसी कंपनियों को दे दिए जिनका टेलीकॉम में अनुभव नहीं था. इसके बाद उन कंपनियों ने लाइसेंस को दूसरे कंपनियों को बेचकर भारी मुनाफा कमाया.

ए राजा सत्तारूढ़ यूपीए सरकार में शामिल डीएमके पार्टी से हैं और उन्हें हटाना फिलहाल कांग्रेस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. कांग्रेस को डर है कि राजा को हटाए जाने से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री करुणानिधि सरकार से समर्थन वापस ले सकते हैं जिसके चलते कांग्रेस के सामने एक और मुश्किल खड़ी हो जाएगी.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: उज्ज्वल भट्टाचार्य

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