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मनोरंजन

पियानो पर फिदा हैं अमिताभ

बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन आजकल थकान और तनाव से आराम पाने के लिए पियानो का सहारा ले रहे हैं. उन्हें पियानो बजाना नहीं आता लेकिन उनका यह पियानो खुद-ब-खुद चलता है.

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जब दिन भर की भागदौड़ के बाद बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन थक कर घर लौटते हैं तो उन्हें और कुछ नहीं एक पियानो सुकून देता है. बॉलीवुड के सबसे व्यस्त अभिनेता को पियानो कुछ साल पहले जन्मदिन पर तोहफे में मिला था. 67 वर्षीय अमिताभ बच्चन पियानो बजा तो नहीं सकते लेकिन उनके लिए अच्छी बात यह है कि यह पियानो स्वचालित है.

अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में लिखा है, "मुझे पियानो बजाना नहीं आता लेकिन यह पियानो खुद ही बजता है. इस पियानो में चिकित्सीय गुण हैं. ये मुझे शांत, एकाकी और एक अलग ही दुनिया में ले जाता है." शहंशाह कहते हैं कि इस यंत्र की वजह से वे अपने आप को महान संगीतकार शोपाँ जैसा

Frankreich Polen Geschichte Musik Frederik Chopin am Klavier

इस तस्वीर में शोपाँ पियानो बजा रहे हैं

महसूस करते हैं. "अच्छी बात ये है कि मेरे इस अभिनय में मुझे चुनौती देने वाला कोई नहीं है. मुझे इस भ्रम और अंधविश्वास वाली परिस्थिति को जीने में बड़ी खुशी मिलती है." फ़्रेडरिक शोपाँ पोलैंड के संगीतकार और पियानोवादक थे, उन्हें 19वीं सदी के महत्वपूर्ण संगीत रचयिताओं में माना जाता है.

बच्चन के फिल्मी कैरियर में बहुत उतार चढ़ाव आए हैं. लेकिन वह हर बार साहस और उत्साह के साथ उबर कर बाहर आए हैं. आजकल पियानो से मिल रहे सुकून के साथ-साथ वह भावुक भी हो रहे हैं. अमिताभ 14 साल बाद फिर से पुणे स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी जा रहे और अपना एक पूरा दिन उन्होंने ख़डकवासला में भाषण देने की तैयारी में बिताया. वह अपने ब्लाग से बताते हैं कि, "इस अकादमी में, मैं 1996 में फिल्म मेजर साहब की शूटिंग के दौरान सोनाली बेन्द्रे, अजय देवगन और नफीसा अली के साथ गया था. यह यादों को ताज़ा करने का दौरा होगा. मैने शूटिंग के दौरान अपना काफी वक्त एनडीए कैडट्स के साथ गुज़ारा था. मुझे इस दौरान उनकी वर्दी पहनने का भी मौका मिला था."

रिपोर्ट: पीटीआई/श्रेया कथूरिया

संपादन: महेश झा

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