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जर्मन चुनाव

पिता को समर्पित है 50वां टेस्ट शतक

सेंचुरियन टेस्ट में सेंचुरी लगाकर टेस्ट में शतकों की हाफसेंचुरी लगाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपना पचासवां शतक पिता को समर्पित किया. उनकी इस उपलब्धि पर दुनिया भले ही बलिहारी हो पर वह 50 शतकों को सिर्फ एक नंबर मानते हैं.

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क्रिकेट जगत में कीर्तिमान के पर्याय बन चुके मास्टर ब्लास्टर ने मैच के बाद कहा, "कल मेरे पिता का जन्मदिन था और यह शतक मैं उन्हीं को समर्पित करता हूं. जहां तक मेरी बात है तो मैं खुश हूं और रन बना कर मुझे अच्छा लग रहा है. मुझे नहीं पता कि अपनी भावनाओं का इजहार मैं किस तरह करूं. 50 शतक मेरे लिए सिर्फ एक नंबर है."

Indischer Cricketspieler Sachin Tendulkar

लंबे समय से सचिन के प्रशंसकों को उनके इस शतक का इंतजार था और ऐसे में क्या तेंदुलकर पर किसी तरह का कोई दबाव था. इसके जवाब में तेंदुलकर ने मीडिया पर चुटकी लेते हुए कहा कि मीडिया ही ज्यादा इस बात को उछाल रहा था और उन्होंने ही इस दबाव की नींव रखी.

सेंचुरियन टेस्ट में भारत की हालत खराब है और टीम हार के रास्ते पर काफी दूर तक कदम बढ़ा चुकी है. लेकिन सचिन को उम्मीद है कि टीम इंडिया मैच बचाने में कामयाब हो जाएगी. तेंदुलकर के मुताबिक वह सकारात्मक सोच में विश्वास रखते हैं और सकारात्मक रहने से सकारात्मक बातें हो जाती हैं.

तेंदुलकर की बेहतरीन फॉर्म का राज पूछे जाने पर उन्होंने बताया, "यह आपकी सोच पर निर्भर है. पिछले दो सालों से मैं अच्छा खेल रहा हूं. मैं अपनी बल्लेबाजी का आनंद उठा रहा हूं. मुझे लगता है कि अच्छा प्रदर्शन करना एक आदत है और अच्छी आदत है. अगर आपके पास यह अच्छी आदत है तो आपको इसे गंवाना नहीं चाहिए."

सेंचुरियन टेस्ट की दूसरी पारी में भारतीय टीम के बल्लेबाजों ने बढ़िया बल्लेबाजी की है और तेंदुलकर इससे संतुष्ट हैं. "हमारे लिए अच्छी बल्लेबाजी करना बेहद जरूरी था ताकि विपक्षी टीम को मजबूत संदेश दिया जा सके. पहली पारी में विकेट पर बल्लेबाजी करना मुश्किल साबित हुआ. हमें सकारात्मक रहने और विश्वास बनाए रखने की जरूरत है."

तेंदुलकर ने भारतीय प्रशंसकों का शुक्रिया अदा करते हुए उम्मीद जताई है कि वह आने वाले दिनों में भी अपना बेहतरीन प्रदर्शन करना जारी रखेंगे.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: एन रंजन

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