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दुनिया

पार्क स्ट्रीट रेप कांड के सभी अभियुक्त दोषी करार

कोलकाता की एक अदालत ने पार्क स्ट्रीट इलाके में चलती कार में सुजैट जॉर्डन के साथ हुए बहुचर्चित सामूहिक बलात्कार कांड में गिरफ्तार तीनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया है. उनको शुक्रवार को सजा सुनाई जाएगी.

अदालत का यह फैसला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए एक झटका है. उन्होंने इस घटना को मनगढ़ंत करार दिया था. यही नहीं, मुख्यमंत्री की बातों का खंडन करने वाली पुलिस अधिकारी दमयंती सेन का भी सजा के तौर पर तबादला कर दिया गया था.

37 वर्ष की सुजैन महानगर के दक्षिणी इलाके में अपनी दो बेटियों के साथ रहती थी. 5 फरवरी 2012 को पार्क स्ट्रीट इलाके में एक पब से बाहर निकल कर कुछ युवकों के साथ कार में सवार होने के बाद चलती कार में ही पांच लोगों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया. अगले दिन पार्क स्ट्रीट थाने में जाने पर पुलिस वालों ने उनकी शिकायत तक दर्ज नहीं की.

क्या है मामला

ममता बनर्जी ने भी इस घटना को मनगढ़ंत करार देते हुए कहा कि उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए इस झूठी घटना का प्रचार किया जा रहा है. ममता सरकार की एक सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने साफ कहा था कि संदिग्ध चरित्र वाली उस महिला और उसके ग्राहकों के बीच लेन-देन में हुई गड़बड़ी के कारण ही यह घटना हुई है. उनकी इन टिप्पणियों पर तब काफी बवाल मचा था.

लेकिन बाद में कोलकाता पुलिस ने अपने आरोपपत्र में बलात्कार की पुष्टि की. इस मामले ने देश-विदेश में काफी सुर्खियां बटोरी. बलात्कार की घटना के कुछ दिनों बाद सुजैट सामने आईं. उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद उनका जीवन दूभर हो गया. उनकी नौकरी चली गई और पड़ोसियों की चुभती निगाहों और टिप्पणियों के चलते उन्हें कई बार मकान बदलना पड़ा.

सुजैट ने पिछले साल अपने फेसबुक पेज पर लिखा था कि अपनी पहचान की वजह से उन्हें महानगर के एक रेस्तरां से बाहर निकाल दिया गया था. इस साल मार्च में मेनिनजाइटिस के चलते उनकी मौत हो गई.

घरवालों ने खुशी जताई

इस मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था. घटना के मूल अभियुक्त कादर खान और मोहम्मद अली खान अब तक फरार हैं. अदालत ने सुमित बजाज, रूमान खान और नसीर खान को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत बलात्कार, उत्पीड़न और मारपीट का दोषी पाया है. इस मामले के सरकारी वकील श्रावणी राय ने कहा, "अभियुक्तों को दोषी करार दिया गया है. हमने अदालत से उनको अधिकतम सजा यानि आजीवन कारावास देने की अपील की है."

सुजैट के घरवालों ने अदालत के फैसले पर खुशी जताई है. सुजैट के पिता ने कहा कि वे अभियुक्तों के घरवालों के लिए दुखी लेकिन अपने घरवालों के लिए खुश हैं. एक सवाल पर उनका कहना था कि अब सजा के बारे में अटकलें लगाने का कोई फायदा नहीं है, "मेरी बेटी तो मर चुकी है." सुजैट की बहन ने कहा कि इस मामले में न्याय हुआ है, "और अब सुजैट की आत्मा को शांति मिलेगी."

इस घटना के तुरंत बाद मूल अभियुक्त कादर खान मुंबई भाग गया था और पुलिस अब तक उसका पता नहीं लगा सकी है. दो साल से लंबे समय तक बंद कमरे में इस मामले की सुनवाई के दौरान 45 गवाहों ने अदालत में बयान दिए.

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