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विज्ञान

पार्किंसन से बचाता है विटामिन डी

जिन व्यक्तियों के शरीर में विटमिन डी बड़ी मात्रा में मौजूद है, उनमें पार्किंसन बीमारी होने का खतरा कम होता है. यह बात एक नए शोध से पता चली है जो फिनलैंड में किया गया है.

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सूरज से मिलता है विटामिन डी

फिनलैंड में समस्या यह है कि दूसरे यूरोपीय देशों की तुलना में वहां सूरज पूरे साल में बहुत ही कम दिखाई देता है. शोधकर्ताओं का मानना है कि जब लंबे समय तक शरीर में विटमिन डी की मात्रा कम रहती है, तब ब्रेन के अंदर ऐसा नुकसान होता है जिसकी वजह से पार्किंसन हो सकता है.

सूरज की किरणें विटमिन डी का बड़ा स्रोत हैं. बहुत ही कम ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिनमें विटमिन डी पाया जाता है. यदि शरीर में विटमिन डी की मात्रा कम होती है तो उससे हड्डियों में कमोजरी, कैंसर, दिल की बीमारियों और डायबिटीज़ हो सकती है. लेकिन अब विटामिन डी की कमी पार्किंसन की वजह भी बन सकती है.

फिनलैंड में 1978 से 2007 तक हुई रिसर्च में 3,173 लोगों को शामिल किया गया था. उनमें से 50 लोग आखिरकार पार्किंसन का शिकार बने. रिसर्च के मुताबिक जिन लोगों के शरीर में विटमिन डी की कोई कमी नहीं थी, उनमें पार्किंसन का शिकार होने का खतरा 67 फीसदी कम था.

रिपोर्टः एजेंसियां/प्रिया एसेलबोर्न

संपादनः ए कुमार

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