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मनोरंजन

पार्किंग के नीचे राजा का कंकाल

वह ब्रिटेन का राजा था मगर सदियों तक वह एक गुमनाम कब्र में सोता रहा और किसी को उसके बारे में कुछ नहीं पता था. वैज्ञानिकों ने हाल में मिले कंकाल की जांच कर पता कर लिया है कि वह ब्रिटेन का राजा रिचर्ड तृतीय था.

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रिचर्ड तृतीय

इंग्लैंड के लेस्टर विश्विद्यालय में पुरातत्वविदों और जेनेटिक्स के वैज्ञानिकों ने प्रेस कॉंफ्रेंस में बताया कि ये अवशेष हाल ही में लेस्टर में एक नगर निगम की पार्किंग के नीचे पाए गए थे. उनके अनुसार पंद्रहवीं सदी के अंतिम राजा रिचर्ड तृतीय युद्ध में मारे गए थे. ये उन्हीं का कंकाल हैं.

इस जांच के प्रमुख पुरातत्वविद रिचर्ड बकली ने बताया, "इस बारे में कोई शक नहीं कि ये अवशेष रिचर्ड तृतीय के हैं." विश्विद्यालय के पुरातत्व विभाग के प्रमुख लिन फॉकंसहॉल के अनुसार, "इस कामयाबी के साथ हम इतिहास में कुछ बड़ा शामिल कर पाने में सफल हुए हैं."

कौन थे रिचर्ड तृतीय

England Leicester Grab von Richard III.entdeckt

रिचर्ड तृतीय का कंकाल

रिचर्ड तृतीय ने इंग्लैड पर 1483 से 1485 तक राज किया. राजगद्दी के लिए दशकों तक चलने वाली लड़ाई में प्लांटाजेनेट से एक दूसरे के खिलाफ दो पक्ष तैयार हो गए थे जिनमें एक था योर्क और दूसरा लैंकैस्टर.

रिचर्ड तृतीय के छोटे से ही राजकाल में कानून व्यवस्था में कई उदारवादी बदलाव आए जैसे जमानत पर छूटने की व्यवस्था और किताबें रखने या प्रिंटिंग प्रेस रखने पर से प्रतिबंध का खत्म होना. लेकिन उनका राज काफी दिन तक चल नहीं पाया और हेनरी ट्यूडर ने उन पर आक्रमण कर उन्हें परास्त किया और मार दिया. यह वह समय था जब प्लांटाजेनेट राजवंश का अंत हुआ और राजा हेनरी सातवें ने गद्दी संभाली. महारानी एलिजाबेथ द्वितीय रिचर्ड की दूर की रिश्तेदार लगती हैं. लेकिन वह उसी राजघराने की नहीं है जिसके रिचर्ड थे.

खलनायक की छवि

रिचर्ड की मृत्यु के बाद ट्यूडर राजवंश के प्रभाव में लिखने वाले इतिहासकारों ने रिचर्ड के बारे में अच्छा नहीं लिखा. उन्हें उनके दो भतीजों के कत्ल के लिए भी जिम्मेदार बताया गया है. नाटककार विलियम शेक्सपियर ने भी रिचर्ड के बारे में एक ऐसे योद्धा के रूप में लिखा है जिसने राजगद्दी के लिए लाशों का ढेर लगा दिया. रिचर्ड के बारे में ऐसी नकारात्मक बातें इतिहासकारों ने भी लिखीं और उनकी आम छवि एक खलनायक की ही रही. कई लोगों का मानना है कि रिचर्ड के बारे में ऐसा हेनरी ट्यूडर के वंशजों के प्रभाव में आकर लिखा गया जो उस समय राज कर रहे थे.

रिचर्ड तृतीय की खोई प्रतिष्ठा के लिए काम करने वाली संस्था रिचर्ड थ्री सोसाइटी ने उनकी कब्र की खोज का समर्थन किया. संस्था के लिए काम करने वाली फिलिपा लैंग्ली को उम्मीद है कि इस खोज से रिचर्ड के बारे में कुछ और बातें सामने आने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा, "बदलाव की हवा बह चली है, इससे रिचर्ड के बारे में सच्चाई सामने आने में मदद मिलेगी." उन्होंने राजा की खोज के लिए इस संस्था के जरिए शुरुआती कदम उठाए थे. वह आगे कहती हैं, "मुझे यकीन नहीं हो रहा है कि मेहनत वाकई रंग ला रही है. जब मैने शुरुआत की थी तब सबको लगता था मैं पागल हो गई हूं."

कैसे मिला कंकाल

रिचर्ड के अवशेष कहां मिलेंगे, कई सदियों तक इस बारे में कोई अंदाजा ही नहीं था. वे 1485 में बॉसवर्थ की लड़ाई में मारे गए थे. रिकॉर्ड बताते हैं कि उन्हें कुछ मठवासियों ने मध्य लंदन से तकरीबन 160 किलोमीटर दूर लेस्टर के एक गिरजाघर में दफनाया था. 1538 में हेनरी सातवें ने जब मठ नष्ट कर दिए तो यह गिरजाघर भी बंद हो गया. कुछ कहानियां यह भी बताती हैं कि बाद में सोलहवीं सदी में कुछ लोगों ने राजा की अस्थियां खोद कर निकालीं और उन्हें नदी में बहा दीं.

पिछले साल रिचर्ड बकली की अध्यक्षता में लेस्टर विश्विद्यालय के पुरातत्वविदों की टीम ने इस कब्र के ठिकाने का पता लगाया और रडार के जरिए खुदाई की सही जगह ढूंड निकाली.

पिछले साल अगस्त में इस पार्किंग की जगह की खुदाई शुरू की गई. कुछ ही हफ्तों बाद उन्हें एक युवा आदमी की हड्डियों के अवशेष मिले जो किसी लड़ाई में मारा गया था. खुदाई में पाया गया कि उसे किसी ताबूत के बगैर ही दफनाया गया था. रेडियोकार्बन डेटिंग तकनीक के जरिए वौज्ञानिकों ने इसकी उम्र पता लगाई जिसमें पता चला कि हड्डियां किसी 20 से 30 वर्ष की आयु के युवक की थीं जो 1455 से 1540 के बीच के समय में मारा गया था. रिचर्ड की उम्र 32 साल थी जब वह 1485 में मारे गए थे.

रिचर्ड के रिश्तेदार हैरान

माइकल इब्सेन रिचर्ड की बहन के दूर के रिश्तेदार हैं. इब्सेन और इस कंकाल के बीच डीएनए टेस्ट में समानता पाई गई. इब्सेन कनाडाई बढ़ई हैं और लंदन में रहते हैं. इसी तरह इस परिवार से जुड़े एक और व्यक्ति हैं जो अपना नाम सामने नहीं लाना चाहते, उनके साथ भी इस डीएनए टेस्ट में समानता मिली है. इस प्रोजेक्ट पर काम करने वाले प्रमुख जेनेटिक्स वैज्ञानिक टूरी किंग कहते हैं, "डीएनए टेस्ट अकेले इस बात की पुष्टि नहीं कर सकता कि यह कंकाल रिचर्ड तृतीय का ही है लेकिन पुरातत्व से जुड़ी बाकी जानकारियों को मिलाकर इस बात की पुष्टि जरूर होती है." रिचर्ड की बड़ी बहन के रिश्तेदार इब्सेन ने कहा, "मैं बहुत हैरान हूं. इस बात को पचाना ही मुश्किल है कि ऐसा संभव हो पाया है."

पुरातत्व हड्डियों के विशेषज्ञ जो एपलबी लेस्टर में पढ़ाते हैं. उन्होंने कहा, "शरीर पर मिले चोटों के निशान बताते हैं कि चोट तलवार जैसे युद्ध में इस्तेमाल हुए औजारों से लगी थी. उसकी हेलमेट उसके सर से अलग हो गई थी." उसकी पीठ की हड्डी में थोड़ा सा झुकाव जैसा भी दिखता है लेकिन वह वैसा नहीं जैसा शेक्सपियर ने लिखा था कि रिचर्ड की पीठ में कूबड़ निकला था.

बीते कुछ सालों में इसी तरह की खोजों में लुई सोलहवें, नेपोलियन, हेनरी चतुर्थ और जोन ऑफ आर्क से जुड़ी कई और बातें सामने आती रही हैं.

रिपोर्ट: एसएफ/ एमजी (एपी, एएफपी)

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