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ताना बाना

पाक सरकार से हटेंगे एमक्यूएम के मंत्री

पाकिस्तान की सरकार के भविष्य पर सवाल खड़े होने लगे हैं. वहां की एक बड़ी राजनीतिक ताकत ने एलान किया है कि उसके दो मंत्री सरकार से इस्तीफा देने जा रहे हैं.

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कराची में एमक्यूएम का दबदबा

मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) कराची में कहा है कि अब वह केंद्र और सिंध प्रांत की सरकार को समर्थन जारी रखने के बारे में विचार कर रही है. इस बारे में जल्दी ही फैसला किया जाएगा.

एमक्यूएम ने इस अलगाव की वजह से भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था और बढ़ती कीमतों को बताया है. पार्टी ने अपने बयान में कहा, "पहले कदम के तौर पर यह फैसला लिया गया है कि हमारे दोनों मंत्री केंद्र सरकार से हट जाएंगे. उनके इस्तीफे जल्दी ही प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी को भेज दिए जाएंगे." पार्टी के मुताबिक केंद्र और प्रांतीय सरकार से अलग होने के बारे में भी जल्दी ही फैसला ले लिया जाएगा.

एमक्यूम पाकिस्तान की केंद्र सरकार के लिए एक असहज साझीदार रही है. उसने कई बार गठबंधन से हटने की धमकियां दी हैं. राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की पाकिस्तान पीपल्स पार्टी से उसके रिश्ते असहज रहे हैं. अगर वह सरकार से हट जाती है तो राष्ट्रीय असेंबली में गठबंधन मुश्किल में पड़ जाएगा. एमक्यूएम अगर विपक्ष से मिल जाती है तो सरकार गिर भी सकती है.

केंद्र सरकार के लिए हाल के दिन अच्छे नहीं रहे हैं. हाल ही में उसके एक छोटे सहयोगी दल जमाएत-ए-उलेमा-इस्लाम ने गठबंधन छोड़ दिया. उसके एक मंत्री को केंद्रीय कैबिनेट से हटाने पर उसने यह फैसला किया.

केंद्र में सत्ताधारी गठबंधन के पास संसद में 342 में से एक 181 सीटें हैं. सरकार को बने रहने के लिए 172 सदस्यों के समर्थन की जरूरत है. 181 में 25 सदस्य एमक्यूएम के हैं. यानी एमक्यूम का हटना केंद्र सरकार के लिए घातक साबित होगा.

गिलानी सरकार इस वक्त आर्थिक मोर्चे पर भी मुश्किल में है. उसे कई सुधार लागू करने हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से 11 अरब डॉलर के कर्ज की छठी किश्त हासिल की जा सके.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः आभा एम

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