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जर्मन चुनाव

"पाक सरकार करे हाफिज सईद का बचाव"

जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद ने लाहौर हाई कोर्ट में अपील कर मांग की है कि पाकिस्तान सरकार मुंबई हमलों से जुड़े मामले में अमेरिका की अदालत में उसका, आईएसआई मुखिया और अन्य लोगों का बचाव करे.

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सईद ने लाहौर हाई कोर्ट में

सईद, लश्कर ए तैयबा के ऑपरेशन कमांडर जकी उर रहमान लखवी, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसाई के मुखिया लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शुजा पाशा, आईएसआई के पूर्व प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) नदीम ताज, मेजर अली और मेजर इकबाल समेत कई लोगों को अमेरिकी अदालत की तरफ से समन भेजे गए हैं. यह समन मुंबई के हमलों में घायल व्यक्ति और मारे गए चार लोगों के परिजनों की याचिका पर भेजे गए हैं.

लश्कर ए तैयबा के संस्थापक सईद के वकील एके डोगर ने बताया कि रब्बी गैव्रिएल नोह होल्जबर्ग और उनकी पत्नी रिव्का मुंबई के छाबड़ा हाउस पर हुए हमले में मारे गए. उनका बेटा मोशे इसमें बचा गया जिसने अन्य लोगों के साथ मिल कर सईद और बाकी लोगों के खिलाफ याचिका दायर की. इन लोगों पर मुंबई के आतंकवादी हमलों में मदद देने के आरोप लगे हैं. पीड़ितों की याचिका में मुआवजे की मांग की गई है.

डोगर का कहना है कि हाफिज सईद जमात उद दावा का प्रमुख है जो एक धर्माथ संगठन है और उसका लश्कर ए तैयबा से कोई लेना देना नहीं है. पाकिस्तान सरकार ने 2009 में सईद को हिरासत में लिया लेकिन लाहौर हाई कोर्ट की बेंच ने बाद में उसकी रिहाई का फैसला दिया.

31 दिसंबर को पाकिस्तान सरकार ने कहा कि वह अमेरिकी अदालत में आईएसआई प्रमुख का बचाव करेगी. इस बयान का हवाला देते हुए डोगर ने कहा कि सईद भी पाकिस्तानी नागरिक है और उसे भी इसी तरह का अधिकार प्राप्त होना चाहिए. डोगर कहा कि अमेरिकी अदालत को उसके समन का जबाव भेज दिया गया है. इसमें अमेरिकी अदालत के अधिकार क्षेत्र को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया है कि अंतरराष्ट्रीय कानून किसी देश के लोगों या संपत्ति के खिलाफ इस तरह के कदम की अनुमति नहीं देता है.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः आभा एम

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