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जर्मन चुनाव

पाक राजनेता दे रहे हैं तालिबान को मदद

पुलिस की गिरफ्त में आए जमात उद दावा के एक आतंकवादी का दावा है कि पाकिस्तान के कुछ राजनेता तालिबान की मदद कर रहे हैं. यह आतंकवादी पुलिस दफ्तर में विस्फोटक ले जाने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया.

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मोहम्मद रफीक नाम के इस आतंकवादी का कहना है कि पाकिस्तान के कुछ प्रभावशाली राजनेता प्रतिबंधित संगठन तरहीक ए तालिबान की मदद कर रहे हैं. रफीक सोमवार को तब पकड़ा गया जब वह इस्लामाबाद में पुलिस की क्राइम इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी के दफ्तर में विस्फोटकों से भरा एक पार्सल ले जाने की कोशिश कर रहा था. यह पार्सल उसे एक अधिकारी को सौंपना था. पाकिस्तान के एक प्रमुख अखबार ने अज्ञात सूत्रों के हवाले से यह खबर छापी है.

Taliban, Archivbild

रफीक ने पुलिस अधिकारियों की पूछताछ में कहा कि तालिबान की मदद करने वाले नेताओं में कुछ बहुत बड़े और प्रभावशाली नाम शामिल हैं. ये लोग तालिबान की मदद करने पर मजबूर हैं. इन नेताओं को उनकी या उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी जाती है. इसके अलावा कुछ लोगों का देश के उत्तर पश्चिमी कबायली इलाके से संबंध होने की वजह से भी उन्हें मदद करनी पड़ती है.

सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक रफीक जांच अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहा है और उसने काफी अहम जानकारियां पूछताछ के दौरान पुलिस को दी हैं. अखबार ने एक जांच अधिकारी का यह बयान भी छापा है, "यह जानकारी कि कुछ प्रभावशाली और बड़े नेता देश के भीतर आतंकवादी हमले करने में तालिबान की मदद कर रहे हैं, चौंकानेवाले है. खासतौर से इसलिए भी कि इसके पीछ वजह उनका डर या तालिबान से उनकी करीबियां हैं."

रफीक का बेटा हनीफ एक आत्मघाती हमलावर था. पिछले साल दिसंबर में हनीफ ने खुद को इस्लामाबाद में नौसेना परिसर के गेट पर उड़ा लिया. इस हमले में दो लोगों की मौत हुई. गिरफ्तार युवक ने जांच अधिकारियों को बताया कि अरकजई के कबायली इलाके में रह रहे आतंकवादी पूरे देश में विस्फोटकों से भरी गाड़ियां भेजने की तैयारी कर रहे हैं.

रिपोर्टः एजेंसियां/एन रंजन

संपादनः वी कुमार

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