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दुनिया

"पाक के साथ युद्ध से भारत को अधिक नुकसान"

न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है कि परमाणु शक्ति संपन्न भारत और पाकिस्तान के बीच एक और युद्ध से पाकिस्तान से ज्यादा भारत को नुकसान होगा. दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार 23 और 24 अगस्त को नई दिल्ली में मिल रहे हैं.

भारत और पाकिस्तान के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के स्तर पर बातचीत से पहले न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपने संपादकीय लेख में यह बात कही है. अखबार ने लिखा है कि पाकिस्तान की तुलना में भले ही भारत अधिक शक्तिशाली और अधिक सफल देश है लेकिन एक और लड़ाई होने पर उसे ही अधिक नुकसान पहुंचेगा. न्यूयॉर्क टाइम्स का कहना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर और खतरनाक मुद्दा बनता जा रहा है, यहां आए दिन दोनों देशों के बीच नियंत्रण रेखा पर गोलाबारी हो रही है. हाल के महीनों में इसमें वृद्धि होने से एक और युद्ध का खतरा पैदा होने लगा है. गौरतलब है कि पिछले सप्ताह भारत और पाकिस्तान के बीच भारी गोलाबारी हुई जिसमें मोर्टार तक का इस्तेमाल किया गया.

पिछले दिनों में भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक दूसरे देश के राजनयिकों तलब कर सीमा पर बिना उकसावे गोलाबारी और युद्ध विराम के उल्लंघन पर विरोध जताया है. दोनों पक्ष इन घटनाओं को लेकर एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान इन घटनाओं से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के धैर्य की परीक्षा ले रहा है. मोदी अपने पूर्ववर्ती प्रधानमंत्रियों के रुख से विपरीत इन हमलों की उपेक्षा नहीं करने के संकल्प का संकेत दे चुके हैं.

मतभेद दूर करने की अमेरिका की सलाह

इस बीच अमेरिका ने दोनों देशों को अपने मतभेद दूर कर समस्याओं को शांतिपूर्ण ढंग से हल करने की सलाह दी है. अमेरिका के विदेश विभाग के प्रवक्ता जॉन किर्वी ने संवाददाताओं से कहा कि आतंकवाद की चुनौती का सामना कर उसे परास्त करने में ही दोनों देशों का हित है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने हाल में अपना स्वतंत्रता दिवस मनाया तथा इस संबंध में विविध आयोजन किए, ये आयोजन दोनों पक्ष को यह सोचने का अवसर देते हैं कि उनके सामने किस तरह की चुनौतियां हैं और वह अपनी सुरक्षा के लिए साझा चुनौतियों का सामना किस प्रकार कर सकते हैं, "हम आशा करते हैं कि दोनों देश स्वतंत्रता दिवस के समारोहों से उपजे माहौल का लाभ उठाकर अपने मतभेदों को दूर करेंगे."

आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में नरेंद्र मोदी ने हाल में संयुक्त अरब अमीरात से भी सहयोग मांगा है. इस पर अमेरिका की प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री को अपने देश और उसकी जनता की सुरक्षा को लेकर चिंतित होने और रक्षा का उपाय करने का पूरा अधिकार है.

दिल्ली वार्ता के लिए कोई विषय सूची नहीं

भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की 23 और 24 अगस्त को नई दिल्ली में हो रही वार्ता से पहले पाकिस्तान ने कहा है कि बैठक के लिए कोई निर्धारित विषय सूची तैयार नहीं की गयी है. पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों ने दैनिक 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' को बताया कि पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा तथा विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल की बातचीत का खुला एजेंडा आतंकवाद और उससे जुड़े मसले हो सकते हैं. अधिकारियों ने कहा कि दोनों देश अपने मतभेदों के चलते पहले से किसी खास विषयों को चिह्नित कर उन पर चर्चा के लिए सहमत नहीं हो सकते, लिहाजा इसके लिए कोई विषय सूची तैयार नहीं की गयी है.

वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता काजी खलीउल्ला ने इस बात की पुष्टि की है कि सरताज अजीज नई दिल्ली में कश्मीर के हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेताओं से मिलेंगे. पाकिस्तान रेडियो के अनुसार खलीउल्ला ने कहा कि हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेताओं से परामर्श के लिए भेंट समय समय पर होती रहती है, इसलिए इसमें कोई नई बात नहीं है. सूत्रों के अनुसार अजीज से हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेताओं की भेंट के लिए पाकिस्तान के नई दिल्ली स्थित उच्चायोग से उन्हें निमंत्रण भेजा जा चुका है.

इधर हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी और डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी डीएफपी के प्रमुख शबीर अहमद शाह को छोड़कर अन्य सभी अलगाववादी नेताओं को गुरूवार सुबह गिरफ्तार किए जाने के कुछ देर बाद रिहा कर दिया गया. हुर्रियत के प्रवक्ता एजाज अकबर ने यूनीवार्ता को बताया कि गिलानी की अगुआई में एक प्रतिनिधिमंडल अजीज से बातचीत करने के लिए सोमवार को नई दिल्ली जाने वाला था. फिलहाल वे नजरबंद हैं.

आईबी/एमजे (वार्ता)

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