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खेल

पाकिस्तान से हारा भारत

भारतीय क्रिकेट टीम जब कोलकाता में इंग्लैंड के हाथों हार रही थी, उसी वक्त मेलबर्न में हॉकी टीम पाकिस्तान के हाथों शिकस्त झेल रही थी. भारत का पदक जीतने का सपना टूटा और ऑस्ट्रेलिया लगातार पांचवीं बार चैंपियन बन बैठा.

भारत के लिए 30 साल बाद पहली बार चैंपियंस ट्रॉफी में पदक जीतने का मौका था. तीसरे स्थान के लिए दोनों पड़ोसी देशों की टक्कर होनी थी, जिसमें पाकिस्तान ने बाजी मार ली और भारत को 3-2 से हरा दिया. पाकिस्तान इस कांस्य को भी सोने का पदक बता रहा है.

पाकिस्तान के शकील अब्बासी का कहना है, "यह हमारे लिए बहुत अहम मैच था क्योंकि पिछले आठ साल में हमने कोई मैच नहीं जीता है. इसलिए हमारे लिए यह तो सोना है क्योंकि एक तो हम आठ साल बाद जीत रहे हैं और ऊपर से भारत को हरा रहे हैं. मेरे लिए और मेरी पाकिस्तान की टीम के लिए यह सोने का पदक है."

आठ साल पहले लाहौर में पाकिस्तान ने भारत को इसी अंतर से हरा कर कांस्य पदक जीता था. उसके बाद से उसे कोई पदक नहीं मिला. भारत ने अब तक कभी भी चैंपियंस ट्रॉफी नहीं जीती है और उसे आखिरी बार 1982 में इस चैंपियनशिप में कांस्य पदक मिला था.

हालांकि रविवार के मैच में बढ़त भारत को ही मिली, जब शुरुआती मिनटों में भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान की रक्षापंक्ति को भेदते हुए पेनाल्टी कॉर्नर हासिल कर लिया और फिर इसे गोल में बदल दिया. हालांकि बाद में पाकिस्तान ने एक शानदार मैदानी गोल करके हिसाब बराबर कर लिया.

इसके बाद मैच पर पाकिस्तान की पकड़ मजबूत होती गई. दूसरे हॉफ में शफकत रसूल और मुहम्मद अतीक ने दो गोल करके टीम को बेहद सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया. आखिरी मिनटों में भारत के रुपिंदर सिंह ने फिर पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदला लेकिन इसके बाद वक्त नहीं बचा.

भारत के मिडफील्डर युवराज वाल्मीकि ने कहा कि हार के बावजूद उन्हें इस टूर्नामेंट से बहुत कुछ सीखने को मिला, "लंदन ओलंपिक में हम 12वें नंबर पर थे. लेकिन चैंपियंस ट्रॉफी में चौथे नंबर पर आना अच्छा लग रहा है. ओलंपिक और वर्ल्ड कप के बाद यह सबसे अहम टूर्नामेंट है. लेकिन हमें इस बात का अफसोस है कि हम कांस्य भी नहीं जीत पाए."

इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान ने बेल्जियम और जर्मनी की टीमों को हराया है, जबकि भारत ने न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और बेल्जियम को परास्त किया है.

लेकिन इन सबसे अलग मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा और लगातार पांचवीं बार कप पर कब्जा कर लिया. नीदरलैंड्स के खिलाफ फाइनल मैच को एक्स्ट्रा टाइम तक जाना पड़ा, जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने 2-1 से बाजी मार ली. पांच बार साल के सर्वश्रेष्ठ हॉकी खिलाड़ी घोषित किए जा चुके जेमी ड्वायर ने कहा कि ओलंपिक में हमे कांस्य से ही संतोष करना पड़ा था और यह उसका सही जवाब है, "लंदन ओलंपिक के बाद पूरी टीम निराश थी और हमें अपने ऊपर थोड़ शक भी होने लगा था. लेकिन इस जीत से हमारा भरोसा लौटा है."

ऑस्ट्रेलिया सबसे ज्यादा बार चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाला देश है. वह यह खिताब 13 बार जीत चुका है जबकि पिछले पांच साल से खिताबी जंग में उसे कोई नहीं हरा पाया है.

एजेए/एएम (एपी, एएफपी)

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