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दुनिया

पाकिस्तान में महिला को ईशनिंदा के लिए मौत की सजा

पाकिस्तान की एक अदालत ने पांच बच्चों की एक ईसाई मां को ईशनिंदा के आरोप में मौत की सजा सुनाई है. यह देश में किसी महिला को दी गई इस तरह की पहली सजा है. मानवाधिकार संगठनों ने इसका विरोध किया है.

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45 वर्षीय एशिया बीबी को पंजाब प्रांत के ननकाना जिले की अदालत ने सोमवार को सजा सुनाई. एशिया का मामला 2009 का है जब उसे खेत में काम करते समय पानी लाने को कहा गया. लेकिन मुस्लिम महिला मजदूरों के एक गुट ने इसका यह कहकर विरोध किया कि गैर मुस्लिम होने के कारण उसे पानी का प्याला नहीं छूना चाहिए. कुछ दिन बाद उस महिला ने एक मौलवी से शिकायत की कि एशिया ने पैगम्बर मोहम्मद के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां की हैं. मौलवी ने पुलिस से शिकायत की.

पुलिस ने एशिया के खिलाफ धारा 295 सी के तहत मुकदमा दायर कर लिया जिसमें मौत की सजा का प्रावधान है. फांसी की सजा सुनाते हुए जज नवीद इकबाल ने इस संभावना से पूरी तरह इंकार किया कि एशिया को फंसाया गया है और कहा कि सजा कम करने की परिस्थितियां मौजूद नहीं हैं.

एशिया के पति 51 वर्षीय आशिक मसीह ने कहा है कि वह फैसले के खिलाफ लाहौर हाई कोर्ट में अपील करेगा. "मुकदमा निराधार है, वह अपील करेगा." एशिया और आशिक के दो बेटे और तीन बेटियां हैं.

नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं और अल्पसंख्यक अधिकार दलों ने कहा है कि यह पहला मौका है जब पाकिस्तान में किसी महिला को पैगम्बर मोहम्मद के अपमान के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई है. पिछले साल एक मुस्लिम दंपति को उम्रकैद की सजा दी गई थी.

मानवाधिकार संगठनों ने ईशनिंदा वाले कानून को समाप्त करने की मांग करते हुए कहा है कि दुश्मनी उतारने के लिए इसका दुरुपयोग किया जाता है और वह इस्लामी कट्टरपंथ को बढ़ा रहा है. ह्यूमन राइट्स वाच के प्रवक्ता अली दयान हसन ने कहा, "ब्लासफेमी कानून पूरी तरह से घृणित है, उसे समाप्त किए जाने की जरूरत है."

पाकिस्तान के दौरे पर गए इटली के विदेश मंत्री फ्रांको फ्राटीनी ने प्रेस कांफ्रेंस में पूछे जाने पर कहा कि उन्हें मामले के बारे में पता नहीं है लेकिन वे यह मुद्दा पाकिस्तान के अल्पसंख्यक मंत्री के साथ उठाएंगे. उन्होंने कहा, "इटली हमेशा से मौत की सजा के खिलाफ रहा है." फ्राटीनी ने कहा है कि ईसाई अल्पसंख्यकों की समस्याओं को उन्होंने विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के साथ बातचीत में उठाया है.

पाकिस्तान की 17 करोड़ आबादी में लगभग 3 फीसदी अल्पसंख्यक हैं. पिछली जुलाई में दो ईसाई भाइयों को कोर्ट के बाहर गोली मार दी गई थी जिनपर पैगम्बर मोहम्मद के खिलाफ पर्चा लिखने का आरोप था.

रिपोर्ट: एएफपी/महेश झा

संपादन: एन रंजन

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