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दुनिया

पाकिस्तान में जबरन धर्म परिवर्तन

छह साल की जमुना 10 साल की बहन पूजा के साथ सिंध प्रांत के मीरपुर खास से पिछले दिसंबर में अचानक गायब हो गई. दिन रात की मेहनत के बाद दोनों बहनें मिलीं, तो पता चला कि उन्होंने "अपनी इच्छा से" इस्लाम कबूल लिया है.

ये बहनें रज्जब पठान नाम के शख्स के घर पर रह रही थीं. लड़कियों की मां सोमा का कहना है कि मीडिया में यह मामला तेजी से फैला, जिसके बाद मुकदमा चला. लेकिन दोनों लड़कियों ने कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से इस्लाम अपनाया है. पाकिस्तान में सहिष्णुता और शांति से जुड़ी संस्था मूवमेंट फॉर सॉलिडेरिटी एंड पीस इन पाकिस्तान ने पिछले दिनों रिपोर्ट जारी की, जिसमें कहा गया कि युवा लड़कियों को अपहरण के बाद उन्हें जान बूझ कर घर वालों से दूर रखा जाता है. रिपोर्ट बताती है, "कब्जे में रखने के दौरान पीड़ित लड़की को यौन उत्पीड़न, बलात्कार, जबरन सेक्स, मानव तस्करी या खरीद फरोख्त के लिए मजबूर होना पड़ता है."

पाकिस्तान की लगभग 18 करोड़ की आबादी में सिर्फ 10 फीसदी गैर मुस्लिम अल्पसंख्यक हैं. उनके साथ पक्षपात की घटनाएं आम हैं. लेकिन सबसे बड़ी घटनाएं धर्म परिवर्तन को लेकर होती हैं. पाकिस्तान हिन्दू परिषद के करता धरता डॉक्टर रमेश कुमार वंकवानी का कहना है, "स्थिति बहुत खराब है. हर साल पाकिस्तान में 1000 हिन्दू और ईसाई लड़कियों का अपहरण कर लिया जाता है. उसके बाद जबरन शादी करके उनसे इस्लाम कबूलवाया जाता है."

Pakistan Religion Hindus in Multan

पाकिस्तान में पांच फीसदी से ज्यादा हिन्दू

कार्रवाई नहीं होती

सामाजिक संगठनों का कहना है कि इस तरह के कई मामले सामने नहीं आ पाते हैं और जो आते भी हैं, उन पर ठीक कार्रवाई नहीं होती. कई बार तो परिवार वाले ही केस नहीं करना चाहते. मूवमेंट फॉर सॉलिडेरिटी संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में हर साल करीब 700 ईसाई और 300 हिन्दू लड़कियों का अपहरण किया जाता है. इनमें से ज्यादातर की उम्र 12 से 15 साल की होती है.

लेकिन इस मामले में जैसे ही कोई रिपोर्ट दर्ज की जाती है, अपहर्ता भी दूसरी तरफ से रिपोर्ट दायर कर देते हैं, जिसमें कहा जाता है कि "इन लड़कियों ने अपनी मर्जी से धर्म बदला है और उन्हें परेशान करने की कोशिश" की जा रही है. इसके बाद आम तौर पर मामले बंद कर दिए जाते हैं. वंकवानी का कहना है कि वे अधिकारियों के रवैये से नाखुश हैं, "सरकार भी कट्टरवादी ताकतों के दबाव में है और इस वजह से हमारी शिकायतें नहीं सुनी जातीं."

रिंकल कुमारी मामला

लेकिन बीच बीच में रिंकल कुमारी जैसा मामला आ जाता है. 2012 की इस घटना को लेकर काफी चर्चा हुई. सिंध प्रांत में उसे घर से अपहृत कर लिया गया. बाद में उसे जब अदालत में पास पेश किया गया, तो उसने कहा कि उसने अपहर्ता नावेद शाह के साथ "अपनी मर्जी और बिना दबाव" के शादी कर ली है. पाकिस्तान हिन्दू परिषद के महासचिव होचंद कारमानी के मुताबिक यह बयान दबाव में दिया गया क्योंकि अदालत में दर्जनों हथियारबंद जवान तैनात थे. आगे पढ़िए...

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