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दुनिया

पाकिस्तान बॉर्डर पर ईरान के 10 सैनिकों की हत्या

पाकिस्तान से लगी सीमा पर तैनात ईरान के सैनिकों पर हमला हुआ है. हमले में ईरान के 10 बॉर्डर गार्ड्स मारे गये. सुन्नी उग्रवादी गुट ने हमले की जिम्मेदारी ली.

पाकिस्तान से सटी ईरान की दक्षिणपूर्वी सीमा में 10 सीमा सुरक्षा बलों को चौकी में घुसकर मारा गया. सुन्नी उग्रवादी संगठन जैश अल अद्ल ने बुधवार को इस हमले को अंजाम दिया. ईरान की सेना ने इसे आतंकवादी हमला करार दिया है. ईरानी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया, "सिस्तान और बलूचिस्तान इलाके की मीरजावेह काउंटी में एक आतंकवादी हमले में 10 बॉर्डर गार्ड्स शहीद हुए हैं. हमला पाकिस्तान की सीमा से सटे जीरो प्वाइंट पर हुआ."

जैश अल अद्ल सुन्नी चरमपंथी गुट है. यह संगठन 2013 और 2015 में भी ईरान के बॉर्डर गार्ड्स पर हमला कर चुका है. चरमपंथी संगठन का आरोप है कि इस इलाके में सुन्नी मुसलमानों और यहां के मूल निवासी बलोचों के साथ भेदभाव होता है, वह इसी भेदभाव के खिलाफ लड़ रहा है

Karte Iran mit der Provinz Sistan und Baluchestan

सिस्तान और बलूचिस्तान

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ईरान की सीमा से सटा पाकिस्तान का यह इलाका अफीम की तस्करी और सुन्नी चरमपंथियों का गढ़ माना जाता है. सुन्नी चरमपंथियों के साथ ईरानी के बॉर्डर गार्ड्स की समय समय पर मुठभेड़ भी होती है.

पड़ोसी होने के बावजूद पाकिस्तान और ईरान के बहुत अच्छे संबंध नहीं है. पाकिस्तान सुन्नी बहुल देश है, वहीं ईरान शिया बहुल. पाकिस्तान में समय समय पर शियाओं पर होने वाले आतंकवादी हमलों के कारण भी तेहरान को इस्लामाबाद बहुत रास नहीं आता. पाकिस्तान के पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल राहिल शरीफ के सऊदी अरब की अगुवाई वाली गंठबंधन सेना की कमान संभालने के बाद से दोनों के बीच और कड़वाहट घुली है. 

भारत और अफगानिस्तान पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते रहते हैं. पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट को टक्कर देने के लिए भारत, ईरान और अफगानिस्तान मिलकर चाबहार बंदरगाह परियोजना पर भी काम कर रहे हैं. चाबहार के जरिये भारत सीधे समुद्र के रास्ते अफगानिस्तान और ईरान तक पहुंचेगा. तीनों देश रेलवे प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रहे हैं.

(ईरान ने खोला रॉकेटों का खजाना)

ओएसजे/आरपी (एएफपी, एपी)

 

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