पाकिस्तान पर अब सीधे आरोप | दुनिया | DW | 08.08.2013
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दुनिया

पाकिस्तान पर अब सीधे आरोप

भारतीय रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कश्मीर में पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के लिए पाकिस्तान पर सीधे सीधे आरोप लगाया और कहा कि यह दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया की कोशिशों को नुकसान पहुंचा सकता है.

रक्षा मंत्री एके एंटनी ने संसद में कहा कि भारत प्रशासित कश्मीर में मंगलवार को हुए हमले के लिए जो दोषी हैं उन्हें जरूर सजा मिलनी चाहिए. इससे पहले भारत की सेना ने कहा था कि भारी हथियारों से लैस "करीब 20 आतंकवादियों ने सेना के साथ" नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना के गश्ती दल पर घात लगा कर हमला किया. रक्षा मंत्री ने कहा, "अब यह साफ है कि पाकिस्तानी सेना का विशेष दस्ता हमले में शामिल था. जाहिर है कि नियंत्रण रेखा पर और पाकिस्तान के साथ हमारे रिश्तों में इस तरह की घटना का असर होगा."

उधर पाकिस्तान ने अभी भी इस हमले में शामिल होने से इनकार किया है. पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी ने कहा कि गुरुवार को टट्टा पानी सेक्टर में भारतीय सेना ने बिना किसी उकसावे की गोलीबारी की और एक आम नागरिक को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया. पाकिस्तानी सेना की नीति के मुताबिक इस अधिकारी ने अपना नाम जाहिर करने से इनकार कर दिया. भारतीय सेना के प्रवक्ता एसएन आचार्य ने इन आरोपों से इनकार किया है. उनका कहना है, "उस सेक्टर में किसी तरह की कोई फायरिंग नहीं हुई है."

एंटनी का बयान इस मायने में अहम है कि अपने पहले बयान में उन्होंने सावधानी बरतते हुए पाकिस्तान की तरफ सीधे उंगली नहीं उठाई थी. उन्होंने पाकिस्तानी सेना की बजाय "पाकिस्तानी सेना की तरह वर्दी पहने" कहा था. (पुंछ पर जुबानी जंग)

नियंत्रण रेखा पर हो रही घटनाएं दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की राह में रोड़ा बन सकती हैं. गुरूवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इन घटनाओं पर चिंता जताई और कहा कि दोनों पक्षों को यह तय करना चाहिए कि यह स्थिति और आगे न बढ़े. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के मुताबिक नवाज शरीफ ने कहा है, "यह दोनों तरफ के नेतृत्व की जिम्मेदारी है कि वो स्थिति का फैलाव न होने दें और माहौल को बेहतर बनाने के साथ भरोसा बढ़ाने के लिए कदम उठाएं." नवाज शरीफ ने यह भी कहा है कि वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ संयुक्त राष्ट्र की आम सभा के दौरान अलग से मुलाकात का इंतजार कर रहे हैं ताकि दोनों पक्षों में विश्वास बहाली के लिए कदम उठाए जा सकें.

मनमोहन सिंह की सरकार भी पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने के लिए तैयारी कर रही है. दिल्ली के थिंक टैंक सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च में स्ट्रैटजिक स्टडीज के प्रोफेसर ब्रह्मा चेलानी ने एंटनी के बयान को नरम बताते हुए कहा है, "वे पाकिस्तान के साथ रिश्तों को बचाए रखना चाहते हैं लेकिन आखिर में उन्हें निराशा होगी." ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन में स्ट्रैटजिक स्टडीज के प्रमुख सी राजा मोहन का भी कहना है, "मुझे नहीं लगता कि प्रधानमंत्री पाकिस्तान के साथ बाचतीत का मौका गंवाएंगे लेकिन लोगों का मूड अगर बिगड़ा रहा तो मुश्किल होगी. मुझे नहीं लगता कि कोई जवाबी कार्रवाई होगी क्योंकि नियंत्रण रेखा पर युद्ध विराम दोनों देशों के हित में है."

एनआर/एमजी (रॉयटर्स, एपी)

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