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खेल

पाकिस्तान ने इंग्लैंड को झल्लाया, ब्रॉड पर कार्रवाई तय

बर्मिंघम टेस्ट में पाकिस्तान के पुछल्ले बल्लेबाजों ने इंग्लैंड को परेशान किया. पहला मैच खेल रहे विकेटकीपर जुल्कारनैन हैदर की शानदार पारी से स्टुअर्ट ब्रॉड का पारा चढ़ा. आपा खोने वाले ब्रॉड पर बैन का खतरा.

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दूसरी पारी में पाकिस्तान 153 रन पर सात विकेट गंवा बैठा. पारी की हार तय लगने लगी. लेकिन तभी क्रीज का एक छोर थामे जुल्कारनैन हैदर ने इंग्लैंड की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. अपना पहला टेस्ट खेल रहे हैदर ने शानदार 88 रन जड़े, मैदान के हर कोने में उन्होंने शॉट मारे.

उनका साथ देने वाले सईद अजमल ने भी अर्धशतक ठोंका. दोनों ने पारी की हार को टालते हुए इंग्लैंड पर 112 रन की बढ़त हासिल कर ली. इससे इंग्लैंड के कुछ खिलाड़ी खासतौर पर गेंदबाज झल्ला गए. पहली पारी में हैदर को शून्य पर आउट करने वाले स्टुअर्ट ब्रॉड तो खुद पर काबू भी न रख सके. ब्रॉड ने हैदर पर गेंद फेंकी, इसके बाद उन्होंने हैदर को कंधा मारा.

टकराव को टालने के लिए अंपायरों को बीच में उतरना पड़ा. अंपायरों ने ब्रॉड की शिकायत इंग्लैंड के कप्तान एंड्र्यू स्ट्रॉस से की. अब ब्रॉड पर कार्रवाई होने जा रही है. इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड के प्रवक्ता ने कहा, ''ब्रॉड को विपक्षी खिलाड़ी पर गेंद फेंकने का आरोपी माना गया है.'' हालांकि गलती के बाद ब्रॉड ने माफी मांग ली.

Pakistan Kricket Team in England

मैच रेफरी रंजन मदुगले ने ब्रॉड पर एक मैच का प्रतिबंध लगाने और उनकी 50 फीसदी मैच फीस काटने की सिफारिश की है. लेकिन पाकिस्तानी टीम इससे नाराज है. उनका कहना है कि गेंद फेंकने की हरकत के बाद ब्रॉड की माफी को किस आधार पर सही माना जा सकता है. पाकिस्तान के कप्तान सलमान बट्ट ने कहा, ''यह बिलकुल अच्छा नहीं है कि कोई खिलाड़ी जानबूझकर दूसरे पर गेंद फेंके और फिर संजीदा तरीके से माफी भी न मांगे.''

बर्मिंघम टेस्ट में इंग्लैंड की राह आसान ही है. दो दिन का खेल बचा है और उसे बस पाकिस्तान का एक विकेट गिराकर आसान से लक्ष्य का पीछा करना है. पाकिस्तान ने अब तक नौ विकेट पर 291 रन बनाए हैं, टीम पहली पारी में 72 पर ऑल आउट हो गई थी, उसका नतीजा वह अब भुगत रही है. लेकिन दिलचस्पी अब नतीजे से ज्यादा ब्रॉड पर होने वाली कार्रवाई पर टिक गई है. भारतीय उपमहाद्वीप की टीमें अक्सर यह शिकायत करती रही हैं कि आईसीसी इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया या न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं करती है. अब देखना है कि आईसीसी इन आरोपों से खुद को कैसे अलग करती है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/ओ सिंह

संपादन: महेश झा

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