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दुनिया

पाकिस्तान के साथ रूस की दोस्ती से बढ़ेंगी दिक्कतें: भारत

भारत ने पाकिस्तान के साथ रूस के बढ़ते सैन्य सहयोग पर नाराजगी जताई है. मॉस्को में भारतीय राजदूत ने रूस से कहा है कि इससे मुश्किलें ही बढ़ेंगी.

भारतीय राजदूत पंकज सरन ने रूस की समाचार एजेंसी रियो नोवोस्ती के साथ एक इंटरव्यू में कहा, "हमने रूसी पक्ष को अपनी राय बता दी है कि पाकिस्तान के साथ सैन्य सहयोग ठीक नहीं है और इससे समस्याएं ही बढ़ेंगी. पाकिस्तान जो कि आंतकवाद का प्रायोजक है और उसे एक नीति के तौर पर इस्तेमाल करता है."

सरन का ये बयान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से ठीक पहले आया है. पुतिन गोवा में होने वाले ब्रिक्स देशों से सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शनिवार को भारत जा रहे हैं जहां वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलेंगे.

पिछले महीने रूस ने पहली बार पाकिस्तान के साथ सैन्य अभ्यास किया जिस पर भारत ने अपनी नाखुशी जाहिर की थी. हालांकि रूस ने इस बात को ज्यादा तवज्जो नहीं दी और कहा कि उसने भारत समेत क्षेत्र के अन्य देशों के साथ भी ऐसे ही सैन्य अभ्यास किए हैं.

सरन ने कहा, "आज दुनिया के सामने कई ज्वलंत मुद्दे हैं जिन पर निश्चित रूप से ब्रिक्स सम्मेलन में चर्चा होगी. इनमें आतंकवाद का सवाल और इससे ब्रिक्स समूह के देशों को होने वाले खतरा भी शामिल है."

राजदूत ने कहा कि रूस के साथ भारत के रिश्ते बेहद खास हैं और उनके बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी है. उन्होंने कहा, "हम इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं देखते हैं. बल्कि ये सभी क्षेत्रों में मजबूत हो रहा है जिसमें सैन्य-तकनीकी सहयोग भी शामिल है." उन्होंने भारत और रूस की साझेदारी को क्षेत्र और पूरी दुनिया में शांति और स्थिरता के लिए अहम बताया.

उन्होंने कहा, "रूस के साथ हम नियमित रूप से सैन्य अभ्यास करते रहे हैं. कई सालों से ऐसा हो रहा है और आगे भी होता रहेगा." सरन ने इस इंटरव्यू में असैन्य परमाणु क्षेत्र, व्यापार और निवेश के क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग का भी जिक्र किया.

एके/वीके (पीटीआई)

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