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जर्मन चुनाव

पाकिस्तान के जरिए भारत का विकास रोकना चाहता है चीन

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले 18 महीनों के दौरान खटास बढ़ी है जिसके दूर होने के आसार कम ही हैं, चीन भारत के खिलाफ पाकिस्तान का इस्तेमाल कर रहा है. ये सब कहा है भारत में पूर्व अमेरिकी राजदूत रॉबर्ट ब्लैकविल ने.

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अमेरिका पहले भी ये बात कह चुका है. राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत के भारत आने से ठीक पहले बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में रॉबर्ट ब्लैकविल ने ये बातें कही. ब्लैकविल ने कहा, "मेरे ख्याल में ये कहना उचित है कि चीन और भारत रिश्ते बहुत अच्छी नहीं रहे हैं बल्कि पिछले 18 महीनों के दौरान इसमें और गिरावट आई है." ब्लैकविल का कहना है कि भारत लंबे समय से चीन के निशाने पर हैं. उनके मुताबिक, "अगर मैं सही हूं तो कश्मीर पर चीन की नीति, दोनों देशों के बीच सीमा विवाद, बांग्लादेश,श्रीलंका और पाकिस्तान में चीनी सैनिकों की मौजूदगी इन सबसे विवाद बढ़ रहा है."

ब्लैकविल फिलहाल काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस नाम की अमेरिकी थिंक टैंक से जुड़े हैं. उन्होने साफ कहा, "जाहिर है कि दोनों देशों के रिश्ते अच्छे नहीं हैं. प्रधानमंत्री कहते रहे हैं और मैं भी बहुत गहराई से यकीन करता हूं कि ऐसी कोई वजह नहीं कि दोनों देशों के बीच लंबे समय तक अच्छे रिश्ते ना रह सकें लेकिन ये साफ नहीं है कि चीन की भावना भी ऐसी ही है."

बहुत सारे भारतीय रणनीतिकार और थिंक टैंक ऐसा मानते हैं कि पाकिस्तान के साथ चीन के मजबूत रिश्ते इस वजह से हैं क्योंकि चीन ये मानता है कि सीमापार आतंकवाद और दूसरी तरकीबों से भारत के विकास को नहीं रोका गया तो वो बड़ी ताकत बन जाएगा. ब्लैकविल भी यही मानते हैं. उन्होने कहा भी,"दूसरे शब्दों में कहें तो चीन पाकिस्तान का इस्तेमाल भारत का विकास रोकने के लिए कर रहा है."

ब्लैकविल ने ये जरूर माना है कि दोनों देश आर्थिक ताकत बनने के लिए कोशिश कर रहे हैं और शायद यही चीज दोनों के रिश्तों को बेहतर बना सकती है क्योंकि राजनीतिक और भौगोलिक हालात ऐसे नहीं कि कोई और चीज इन्हें करीब ला सके. ब्लैकविल ने ये भी कहा कि भारत अमेरिका के साथ लंबे समय के लिए साझीदार बन सकता है दोनों मिल कर चीन के रवैये पर नजर भी रख सकते हैं और उसे सकारात्मक दिशा में ले भी जा सकते हैं.

रिपोर्टः एजेंसियां/एन रंजन

संपादनः उज्ज्वल भट्टाचार्य

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