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जर्मन चुनाव

पाकिस्तान की राजनीतिक हिंसा में 31 मरे

मोहाजिर कौमी मूवमेंट एमक्यूएम ने सोमवार को पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी में सत्ता की जंग तो जीत ली, लेकिन इस दौरान हुई हिंसा में 31लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. पश्तून और मोहाजिरों की जंग में गई जानें.

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कराची के लोगों ने एमक्यूएम के सैफुद्दीन खालिद को रजा हैदर की जगह नया प्रांतीय प्रमुख चुन लिया है. रजा हैदर की कुछ दिनों पहले हत्या कर दी गई थी. पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर में हुई हिंसा के बाद गृहमंत्री रहमान मलिक कराची पहुंच गए हैं और दोनों गुटों को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहे हैं. इस बीच हिंसा फैलाने के आरोपों में कम से कम 60 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है.

Anschlag in Karatschi

जल रहा है कराची

रहमान मलिक ने संवाददाताओं से कहा,"हम कराची में चल रही राजनीतिक हिंसा को खत्म करना चाहते हैं. हर दो या तीन महीने के बाद हिंसा का एक नया दौर शुरू हो जाता है. कराची के लोग बार बार इन मुश्किल हालातों से गुजरने पर मजबूर हो रहे हैं ये सब खत्म होना चाहिए."

कराची में रजा हैदर की हत्या के बाद फैली हिंसा में 85 लोग मारे गए. पुलिस का कहना है कि शनिवार और रविवार को की हुई हत्याएं भी राजनीति रंजिश में लोगों को निशाना बनाकर की गईं. एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "कम से कम 31 लोगों की हत्या की गई है जिनका ब्यौरा शहर के अलग अलग अस्पतालों में दर्ज है."

प्रांतीय एसेंबली की सीट के लिए चुनाव उर्दू बोलने वाले लोगों की पार्टी एमक्यूएम और पश्तून बोलने वाले उत्तर पश्चिमी इलाकों से आए लोगों के बीच सीधी भिडंत के रूप में सामने आया. एमक्यूएम सिंध प्रांत की एसेंबली और केंद्रीय सरकार में साझीदार है. इस साल के पहले छह महीनों में 260 लोग टारगेट किलिंग का शिकार हुए हैं. पिछले साल इसी दौर में ये संख्या 156 थी.

गृहमंत्री का कहना है कि इन हत्याओं की वजह से सरकार बेहद चिंतित है और वो सिंध प्रांत की सरकार के प्रस्तावों पर विचार कर रही है. कानून का पालन कराने वाली एजेंसियों से अपनी मुलाकात का जिक्र करते हुए रहमान मलिक ने कहा कि आपराधिक गतिविधियों में शामिल किसी भी शख्स को छोड़ा नहीं जाएगा. एमक्यूएम, एएनपी या किसी भी पार्टी का कोई कार्यकर्ता बख्शा नहीं जाएगा.

रिपोर्टः एजेंसियां/एन रंजन

संपादनः एमजी

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