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जर्मन चुनाव

"पाकिस्तान की मदद भारत के खिलाफ न हो"

भारत की प्रमुख विपक्षी पार्टी बीजेपी के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने चीन से कहा है कि वो यह तय करे कि पाकिस्तान उससे मिली सैन्य मदद का इस्तेमाल भारत के खिलाफ न कर सके. बीजेपी अध्यक्ष पांच दिन के लिए चीन के दौरे पर हैं.

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बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने चीनी नेताओं के साथ हुई लंबी बातचीत के दौरान कहा कि पाकिस्तान सीमापार आतंकवाद के जरिए लगातार भारत के लिए समस्याएं पैदा कर रहा है. मीडिया से बातचीत में गडकरी ने कहा है कि उन्होंने चीनी नेताओं से कहा कि वो पाकिस्तान को जो भी मदद दे रहे हैं वो चाहे परमाणु रिएक्टर हो या सैन्य मदद पाकिस्तान उसका इस्तेमाल भारत के खिलाफ कर सकता है. गडकरी ने कहा, "पाकिस्तान

Grenze China Indien Grenzpass

नत्थुला पास

सरकार आतंकवाद को समर्थन देती है और सीमापार आतंकवाद को प्रायोजित करती है ऐसी स्थिति में चीन का पाकिस्तान को मदद करना भी आतंकवाद को समर्थन करने जैसा है."

गडकरी ने पत्रकारों से कहा, "मैंने चीन के नेताओं से आग्रह किया है कि चीन आतंकवाद के खिलाफ है इसलिए उन्हें पाकिस्तान से कहना चाहिए कि वो आतंकी कार्रवाइयों को समर्थन देना बंद करे."

चीन के दौरे पर गए गडकरी ने सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना यानी सीपीसी के पोलित ब्यूरो में पांचवे सबसे बड़े नेता लि चांगशुन से मुलाकात की. इसके अलावा वो सीपीसी की अंतरराष्ट्रीय विभाग के उप मंत्री एइ पिंग से भी मिले. गडकरी ने कहा कि चीनी नेताओं ने उनके विचारों को सुना और भरोसा दिया कि वह अपने सक्षम अधिकारियों तक उनकी बात पहुंचाएंगे. चीन को पाकिस्तान पर आतंकवाद का समर्थन बंद करने के लिए दबाव बनाने का आग्रह करने के साथ ही गडकरी ने कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश के लोगों को नत्थी वीजा देने पर उनकी पार्टी की आपत्तियों के बारे में भी बताया.

बीजेपी और सीपीसी के नेताओं के बीच शुक्रवार को हुई बातचीत के बाद जारी बयान में गडकरी ने कहा है कि चीन ने लद्दाख में भारत की 38000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर रखा है. इसके अलावा 5000 वर्ग किलोमीटर का इलाका पाकिस्तान ने कश्मीर में दबा रखा है. गडकरी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चीनी सैनिकों की मौजूदगी पर भी चिंता जताई. गडकरी ने कहा, "भारत सरकार ने स्वतंत्र रूप से इस बात की जांच करने के बाद पुष्टि की है कि पीएलए के सैनिक वहां मौजूद हैं." गडकरी ने आतंकवाद पर रोक लगे बिना भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत का विरोध किया है. गडकरी ने कहा, "हम बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन पहले पाकिस्तान आतंकी कार्रवाइयों को प्रायोजित करना बंद करे. इस बारे में तो भारत सरकार ने सबूत भी दे दिए हैं.आतंकवाद को समर्थन देना बंद किए बगैर भारत के लिए पाकिस्तान से अच्छे रिश्ते रख पाना मुमकिन नहीं होगा. "

रिपोर्टः एजेंसियां/ एन रंजन

संपादनः एमजी

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