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दुनिया

पाकिस्तानी बाढ़ ने बढ़ाई भारतीय सब्जियों की मांग

अपने इतिहास की सबसे भयंकर बाढ़ झेल रहे पाकिस्तान में भारतीय सब्जियों और खासकर आलू टमाटर की मांग बेहद बढ़ गई है. इसीलिए पड़ोसी देश के लिए इन भारतीय सब्जियों के निर्यात में भी खासा इजाफा हुआ है.

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अमृतसर एक्सपोर्टर्स चेंबर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष राजदीप उप्पल ने बताया, "टमाटर और आलू के लगभग 30 ट्रक रोजाना वाघा सीमा से पाकिस्तान जा रहे हैं." हर एक ट्रक में 16 टन माल होता है. उन्होंने बताया कि शुक्रवार को ही टमाटर के 29 ट्रक और आलू के पांच ट्रक पाकिस्तान भेजे गए हैं. पाकिस्तान में भयंकर बाढ़ और रमजान की वजह से भारतीय सब्जियों की मांग पिछले एक महीने में बहुत बढ़ गई है.

उधर दिल्ली से टमाटर के 10 से 12 ट्रक रोज पाकिस्तान जा रहे हैं. दिल्ली से सब्जियां निर्यात करने वाले राजू करनाल कहते हैं कि उन्होंने पिछले 15 दिन में लगभग 100 ट्रक टमाटर वाघा सीमा से पाकिस्तान भेजे हैं. वह कहते हैं कि पाकिस्तान की तरफ से लगाई जाने वाली ऊंची एक्सपोर्ट ड्यूटी के बावजूद वहां के लिए निर्यात होने वाली सब्जियों की मात्रा में काफी वृद्धि हुई है.

Flash-Galerie Geschichte der Kartoffel

उप्पल बताते हैं कि दो साल पहले पाकिस्तान ने आलू पर 48 प्रतिशत, प्याज पर 28 प्रतिशत और टमाटर पर छह प्रतिशत ड्यूटी लगाई थी जिसकी वजह से दोनों देशों के बीच सब्जियों का कारोबार लगभग बंद सा हो गया था. इससे पहले पाकिस्तान में ऐसा कोई शुल्क नहीं लगाया जाता था. लेकिन पाकिस्तान में आई बाढ़ की वजह से सिंध और पंजाब में आलू और टमाटर को बेहद नुकसान हुआ और ऊपर से पवित्र रमजान का महीना, इस सब के चलते भारतीय सब्जियों की मांग पाकिस्तान में बढी है. वह कहते हैं कि अगले दो तीन महीने तक यही स्थिति रह सकती है.

उप्पल कहते हैं कि 20 किलो भारतीय टमाटर की कीमत पाकिस्तान में आजकल 700 से 800 पाकिस्तानी रुपये (भारतीय रुपये में 300 से 400 रुपये) है जो पहले 300 से 400 पाकिस्तानी रुपये हुआ करती थी. ऐसे में निर्यातकों की मांग है कि दोनों देशों के बीच कारोबार को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान सरकार को निर्यात शुल्क हटाना चाहिए.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः एन रंजन

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