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जर्मन चुनाव

पांच लाख लोगों की नौकरी से छुट्टी

साम्यवादी देश क्यूबा ने एलान किया है कि अगले साल के मध्य तक कम से कम पांच लाख सरकारी नौकरियां कम की जाएंगी. इसके अलावा निजी क्षेत्र में नौकरियां बढ़ाने के लिए कई पाबंदियां हटाई जाएंगी.

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राष्ट्रपति राउल कास्त्रो की सत्ता के दौरान आर्थिक और अन्य मोर्चों पर देश में हो रहे बदलावों में इस फैसले को सबसे हैरानी भरा कहा जा रहा है. रविवार को एक टीवी संदेश में कास्त्रो ने कहा कि कम से कम 10 लाख कामगार गैरजरूरी हैं.

देश की 30 लाख कामगारों की यूनियन, क्यूबन वर्कर्स कॉन्फेडरेशन के मुताबिक नौकरियों में कटौती फौरन शुरू की जा रही है. यह अगले साल के मध्य तक जारी रहेगा. हालांकि कामगारों को इस फैसले से लगने वाले धक्के को थोड़ा हल्का करने के लिए यूनियन ने कहा कि सरकार निजी क्षेत्र में नौकरियां बढ़ाने के लिए कदम उठाने जा रही है. साथ ही ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्व रोजगार के लिए प्रेरित किया जाएगा. सरकारी जमीन, व्यापार और मूलभूत ढांचे पर निजी नियंत्रण को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके लिए लंबे समय की लीज देने की योजनाएं बनाई जाएंगी.

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सुधार की कोशिशें

सोमवार को सरकारी अखबारों, रेडियो और टीवी चैनलों पर एक बयान पढ़ा गया, जिसमें कहा गया कि नौकरियों में कटौती धीरे धीरे की जाएगी क्योंकि यह कामगारों से जुड़ा मसला है. इसका असर सभी सरकारी क्षेत्रों पर होगा. हालांकि बयान में यह नहीं बताया जाएगा कि किस क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा. कामगारों की यूनियन ने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सरकार नौकरियां जारी रखेगी. इनमें खेती, निर्माण, उद्योग, कानून व्यवस्था और शिक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं जहां लोगों की कमी लगातार बनी रहती है.

राष्ट्रपति राउल कास्त्रो ने अगस्त महीने में ही नौकरियों में कटौती के संकेत दे दिए थे, लेकिन यह इतनी जल्दी होगा, ऐसा लोगों ने सोचा नहीं था. यूनियन ने अपने बयान में कहा, "हमारी सरकार व्यापार, निर्माण और सेवा क्षेत्र को लगातार सहारा नहीं दे सकती और ऐसा होना भी नहीं चाहिए. तन्ख्वाहें लगातार बढ़ रही हैं और अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है. इससे उत्पादकता घटती है और कामगारों का व्यवहार और आदतें बिगड़ती हैं."

बयान में कहा गया कि क्यूबा अपने श्रमिक ढांचे और वेतन व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव करेगा.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः आभा एम

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