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दुनिया

पहले लेटर बम विस्फोट, फिर स्कूल में गोलीबारी से फ्रांस में तनाव

गुरुवार सुबह पेरिस स्थित अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के मुख्यालय पर लेटर बम फटा और फिर एक हाई स्कूल में गोलीबारी हो गयी है. लगातार हुई ऐसी घटनाओं से फ्रांस में तनाव का माहौल.

फ्रांस के दक्षिणी शहर ग्रास के एक स्कूल में हुई गोलीबारी के बाद पुलिस ने 17 साल के एक छात्र को गिरफ्तार किया है, जिसे कथित तौर पर गोलीबारी की घटना से जुड़ा माना जा रहा है. गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि स्कूली हमले में हेडमास्टर समेत कम से कम तीन लोग घायल हुए हैं.

पुलिस और स्थानीय प्रशासन का कहना है कि स्कूल के हेडमास्टर पर खास तौर पर निशाना साधा गया था. 17 साल के छात्र के पास एक राइफल, दो हैंड गन्स और दो ग्रेनेड बताये जा रहे हैं. फ्रांस के स्कूलों में ऐसी हिंसा की घटनाएं बहुत दुर्लभ हैं इसलिए भी पूरे देश में अविश्वास और चिंता का माहौल है.

पिछले दो सालों के दौरान फ्रांस में हुए कई आतंकी हमलों के कारण तनाव और हाई एलर्ट की स्थित रही है. पुलिस ने स्कूल के आसपास के इलाके में घेराबंदी कर दी है. यह शहर दक्षिणी फ्रांस के मशहूर शहर नीस से करीब 40 किलोमीटर दूर है.

स्कूल के पास ही स्थित स्पोर्ट्स चेन डिकैथलॉन के दफ्तर के कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने लगभग 40 छात्रों को स्कूल से भाग कर खुले में पार्किग की जगह पर इकट्ठे होते देखा. पुलिस से गोलीबारी की सूचना मिलते ही सरकार ने एक एलर्ट जारी किया. यह एलर्ट सिस्टम नवंबर 2015 में पेरिस में हुए आतंकी हमलों के बाद से ही काम कर रहा है.

इसके पहले सुबह के वक्त, पेरिस स्थित अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के मुख्यालय पर एक लेटर बम भेजा गया था. जिस कर्मचारी ने इसे खोला, वह घायल हो गया.

इससे एक दिन पहले ही जर्मनी में वित्त मंत्रालय के दफ्तर पर भी लेटर बम भेजा गया था. एक ग्रीक अराजकतावादी समूह ग्रीक समूह 'कॉन्सपिरेसी सेल्स ऑफ फायर' ने इसकी जिम्मेदारी ली है. यह लेटर बम फटा नहीं.

इस समय जर्मनी की यात्रा पर पहुंची आईएमएफ की प्रमुख फ्रेंच नेता क्रिस्टीने लागार्द और फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद ने इन हमलों की निंदा की है.

आरपी/एके (एपी,रॉयटर्स)

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